कर्णप्रयाग प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए पुलिस मुख्यालय के बड़े फैसले, दोनों मुकदमों की विवेचना हरिद्वार स्थानांतरित
देहरादून,22 जून 2026। कर्णप्रयाग में सिख श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच हुई मारपीट की घटना को लेकर उत्तराखंड पुलिस मुख्यालय ने निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, घायल सिख श्रद्धालु के पिता की शिकायत पर अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है तथा दोनों संबंधित मामलों की विवेचना चमोली जनपद से हरिद्वार जनपद स्थानांतरित कर दी गई है।
ज्ञात हो कि 16 जून 2026 को जनपद चमोली के कर्णप्रयाग क्षेत्र में सिख श्रद्धालुओं और स्थानीय व्यक्तियों के बीच विवाद के बाद मारपीट की घटना हुई थी, जिसके संबंध में थाना कर्णप्रयाग में मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए आईजी गढ़वाल रेंज की संस्तुति पर पुलिस मुख्यालय ने निष्पक्ष जांच के लिए विशेष कदम उठाए हैं।
पुलिस के अनुसार, घटना में घायल सिख श्रद्धालु के पिता द्वारा दी गई शिकायत के आधार पर 20 जून 2026 को थाना कर्णप्रयाग में अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध एक अन्य एफआईआर भी दर्ज की गई है।
दोनों मामलों की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष विवेचना सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जांच का जिम्मा हरिद्वार पुलिस को सौंपा गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार नवनीत सिंह भुल्लर के निकट पर्यवेक्षण में इन मामलों की जांच की जाएगी।
इसके अतिरिक्त, विभिन्न सिख संगठनों द्वारा स्थानीय पुलिस के कथित व्यवहार और आचरण को लेकर लगाए गए आरोपों की जांच भी शुरू कर दी गई है। पुलिस मुख्यालय ने इस जांच की जिम्मेदारी डीआईजी यशवंत सिंह को सौंपी है और उन्हें दो सप्ताह के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल परिक्षेत्र राजीव स्वरूप ने कहा कि उत्तराखंड पुलिस सभी समुदायों की धार्मिक भावनाओं का पूर्ण सम्मान करती है और प्रत्येक मामले में कानून के अनुरूप निष्पक्ष, पारदर्शी एवं न्यायसंगत कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि हेमकुंड साहिब यात्रा श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ी अत्यंत पवित्र यात्रा है, जिसे उत्तराखंड पुलिस और प्रशासन के समन्वित प्रयासों से सुरक्षित, शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित रूप से संचालित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान प्रत्येक श्रद्धालु की सुरक्षा, सम्मान और सुविधा सुनिश्चित करना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।



