उत्तराखण्ड से पहली बार ट्राउट मछली का निर्यात, वैश्विक बाजारों की ओर बढ़ा प्रदेश

पिथौरागढ़,12 जून 2026 । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में किसानों की आय बढ़ाने तथा कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों के उत्पादों को वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने के प्रयासों को नई गति मिली है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी के मार्गदर्शन एवं माननीय पशुपालन, दुग्ध विकास, मत्स्य, कौशल विकास एवं सेवायोजन, प्रोटोकॉल तथा गन्ना विकास मंत्री श्री सौरभ बहुगुणा जी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड के मत्स्य क्षेत्र ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए पहली बार 5 मीट्रिक टन रेनबो ट्राउट मछली के निर्यात की शुरुआत की है जिसकी शुरुआत माननीय पशुपालन, दुग्ध विकास, मत्स्य, कौशल विकास एवं सेवायोजन, प्रोटोकॉल तथा गन्ना विकास मंत्री श्री सौरभ बहुगुणा जी द्वारा वेर्चुअल माध्यम से हरी झंडी दिखाकर किया
राज्य के मत्स्य पालकों द्वारा उत्पादित ट्राउट मछली का यह पहला अंतरराष्ट्रीय निर्यात है, जिसे उत्तराखण्ड के मत्स्य क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है। इससे राज्य के 12,000 से अधिक मत्स्य पालकों के लिए नए बाजारों के द्वार खुलेंगे तथा पर्वतीय क्षेत्रों में मत्स्य पालन आधारित आजीविका को नई मजबूती मिलेगी।
इस निर्यात के अंतर्गत जनपद पिथौरागढ़ के धारचूला क्षेत्र के बूंग-बूंग एवं सिर्खा तथा मुनस्यारी क्षेत्र के नामजला में उत्पादित रेनबो ट्राउट मछली को नेपाल निर्यात हेतु भेजा जा रहा है। इस पहल से संबंधित सहकारी समितियों एवं मत्स्य उत्पादकों को लगभग ₹23 लाख की प्रत्यक्ष आय प्राप्त होगी।
यह उपलब्धि दुबई में आयोजित गुलफूड एक्सपो के दौरान स्थापित अंतरराष्ट्रीय बाजार संपर्कों एवं व्यावसायिक साझेदारियों का परिणाम है। एक्सपो में उत्तराखण्ड के प्रतिनिधिमंडल ने वैश्विक खरीदारों एवं हितधारकों के साथ संवाद स्थापित कर राज्य के मत्स्य उत्पादों के लिए नए अवसर सृजित किए थे, जिसका प्रतिफल अब प्रथम निर्यात के रूप में सामने आया है।
प्रथम निर्यात को सफल बनाने के लिए मत्स्य विभाग द्वारा हार्वेस्टिंग, पैकेजिंग एवं परिवहन संबंधी गतिविधियों हेतु ₹5.40 लाख की गैप फंडिंग सहायता प्रदान की गई। साथ ही प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना (PMMSY) के अंतर्गत उपलब्ध रेफ्रिजरेटेड वाहन के माध्यम से सम्पूर्ण परिवहन के दौरान कोल्ड-चेन बनाए रखी गई, जिससे उत्पाद की गुणवत्ता एवं ताजगी सुनिश्चित की जा सके।
इस अवसर पर माननीय मंत्री श्री सौरभ बहुगुणा जी ने राज्य के मत्स्य पालकों, सहकारी समितियों एवं विभागीय अधिकारियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड की उच्च गुणवत्ता वाली ट्राउट मछली अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी विशिष्ट पहचान बनाने की क्षमता रखती है। उन्होंने कहा कि नेपाल को प्रारम्भ हुआ यह निर्यात उत्तराखण्ड की ट्राउट मछली के लिए नए बाजारों के द्वार खोलेगा तथा राज्य के मत्स्य पालकों को बेहतर मूल्य प्राप्त कराने में सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भविष्य में अन्य अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी उत्तराखण्ड की ट्राउट मछली की मांग बढ़ेगी।
वर्तमान में उत्तराखण्ड की GDP वृद्धि में मत्स्य क्षेत्र का लगभग 9 प्रतिशत योगदान है। विभाग का मानना है कि ट्राउट मछली के निर्यात जैसी पहलें इस योगदान को और अधिक बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। अंतरराष्ट्रीय बाजार तक सीधी पहुंच बनने से राज्य के अन्य मत्स्य पालकों को भी गुणवत्तायुक्त उत्पादन बढ़ाने, आधुनिक मत्स्य पालन तकनीकों को अपनाने तथा निर्यातोन्मुख गतिविधियों से जुड़ने की प्रेरणा मिलेगी। इससे किसानों की आय में वृद्धि के साथ-साथ रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
मत्स्य विभाग ने बताया कि वर्तमान निर्यात पहल को आगे बढ़ाते हुए आगामी छह माह में नेपाल को लगभग 30 मीट्रिक टन ट्राउट मछली निर्यात करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। विभाग का मानना है कि जनपद पिथौरागढ़ अकेले भी इस लक्ष्य की प्राप्ति में महत्वपूर्ण योगदान देने तथा पर्याप्त मात्रा में ट्राउट उत्पादन एवं आपूर्ति करने में सक्षम है। विभाग द्वारा निर्यातोन्मुख उत्पादन, विपणन एवं कोल्ड-चेन अवसंरचना को और अधिक सुदृढ़ बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा पिछले दो वर्षों में आईटीबीपी एवं एसएसबी जैसी सुरक्षा एवं अर्द्धसैनिक बलों को लगभग 45 मीट्रिक टन ट्राउट मछली की आपूर्ति कर ₹2 करोड़ से अधिक का व्यवसाय किया गया है। इससे मत्स्य पालकों को प्रत्यक्ष लाभ मिलने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित हुए हैं।
इसके अतिरिक्त मत्स्य विभाग द्वारा विकसित विपणन एवं आपूर्ति श्रृंखला नेटवर्क के माध्यम से राज्य में प्रतिवर्ष लगभग ₹155 करोड़ का मत्स्य विपणन किया जा रहा है, जिससे हजारों मत्स्य पालकों को स्थायी बाजार उपलब्ध हो रहा है। विभाग का मानना है कि नेपाल को प्रारम्भ हुआ यह निर्यात भविष्य में अन्य अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच का मार्ग प्रशस्त करेगा। गुलफूड एक्सपो के दौरान स्थापित संपर्कों के आधार पर विभाग वैश्विक स्तर पर नए बाजारों की संभावनाओं पर भी कार्य कर रहा है।
उत्तराखण्ड से ट्राउट मछली के इस प्रथम निर्यात को राज्य के मत्स्य क्षेत्र को आत्मनिर्भरता, आधुनिक विपणन व्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी के मार्गदर्शन, माननीय मंत्री श्री सौरभ बहुगुणा जी के नेतृत्व तथा डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम, सचिव, मत्स्य, पशुपालन एवं दुग्ध विकास विभाग, उत्तराखण्ड शासन के निर्देशन में राज्य में मत्स्य क्षेत्र को निर्यातोन्मुख बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।
श्री चन्द्र सिंह धर्मशक्तु, निदेशक मत्स्य, उत्तराखण्ड के मार्गदर्शन में श्री प्रमोद कुमार शुक्ला, उपनिदेशक मत्स्य, श्रीमती अल्पना हल्दिया, उपनिदेशक मत्स्य एवं श्री अनिल कुमार, उपनिदेशक मत्स्य, मत्स्य निदेशालय की टीम तथा डॉ. रमेश चालाल, जिला मत्स्य अधिकारी, पिथौरागढ़ एवं जनपद स्तरीय मत्स्य विभाग की टीम के समन्वित प्रयासों से यह निर्यात सफलतापूर्वक संपन्न हो सका है। विभाग को विश्वास है कि नेपाल को प्रारम्भ हुआ यह निर्यात राज्य के हजारों मत्स्य पालकों की आय वृद्धि का आधार बनेगा तथा भविष्य में उत्तराखण्ड की ट्राउट मछली को अन्य अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने का मार्ग प्रशस्त करेगा। यह उपलब्धि राज्य के अन्य मत्स्य पालकों को भी निर्यातोन्मुख मत्स्य पालन अपनाने के लिए प्रेरित करेगी तथा उत्तराखण्ड को उच्च गुणवत्ता वाले ट्राउट उत्पादन एवं निर्यात के एक अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।



