राम-केवट संवाद और दशरथ मरण की लीला ने श्रद्धालुओं को किया भावविभोर
केवट की भक्ति और पुत्र वियोग में राजा दशरथ की व्यथा का कलाकारों ने किया मार्मिक मंचन
जलालाबाद, 13 अक्टूबर। आदर्श श्रीरामलीला मंचन में मंगलवार रात राम-केवट संवाद और दशरथ मरण की लीला का कलाकारों ने बेहद सुंदर एवं भावपूर्ण मंचन किया। भगवान श्रीराम के वनगमन, निषादराज केवट से भेंट और पुत्र वियोग में राजा दशरथ के प्राण त्यागने के प्रसंगों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। लीला का आनंद लेने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। पूरे मंचन के दौरान रामभक्तिमय वातावरण बना रहा।
राम-केवट संवाद के प्रसंग में केवट की भूमिका निभा रहे अवनीश आहूजा ने अपने शानदार अभिनय से दर्शकों का मन मोह लिया। उन्होंने भगवान श्रीराम के प्रति केवट की अटूट श्रद्धा, समर्पण और निष्काम भक्ति को अपने अभिनय के माध्यम से जीवंत कर दिया। केवट द्वारा भगवान श्रीराम को गंगा पार कराने के प्रसंग ने दर्शकों को भावुक कर दिया। उनके अभिनय की दर्शकों ने खूब सराहना की।
वहीं, सुमंत की भूमिका निभा रहे राजकुमार रुहेला ने प्रभावशाली अभिनय के माध्यम से राम वनगमन के प्रसंग को सजीव रूप प्रदान किया। भगवान श्रीराम के वनवास जाने के बाद राजा दशरथ की व्याकुलता और पुत्र वियोग की पीड़ा का दृश्य भी बेहद मार्मिक रहा। राजा दशरथ की भूमिका निभा रहे अंशुल करी ने एक विवश और स्नेह से भरे पिता की भावनाओं, पीड़ा तथा पुत्र के प्रति अटूट प्रेम का सशक्त चित्रण किया। श्रीराम के वनवास के बाद राजा दशरथ के प्राण त्यागने के प्रसंग ने श्रद्धालुओं की आंखें नम कर दीं।
रामलीला के माध्यम से कलाकारों ने भगवान श्रीराम की मर्यादा, केवट की निष्काम भक्ति और पिता-पुत्र के अटूट प्रेम का संदेश दिया। मंचन के दौरान दर्शक भावविभोर होकर लीला का आनंद लेते रहे।
इस अवसर पर राजकुमार रुहेला, ब्रजभूषण उपाध्याय, अवनीश आहूजा, देवेंद्र कुमार, देवराज जुनेजा, सोनू कोरी, राजेश सैनी, संजीव आहूजा सहित अन्य कलाकारों का सहयोग रहा।