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वरिष्ठजनों के अनुभव और आशीर्वाद से समाज को मिलती है दिशा, सेवा का भाव जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि:पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत

विश्व वृद्धजन दिवस पर वरिष्ठ नागरिकों एवं बुद्धिजीवियों का सम्मान

देहरादून 01 अक्टूबर । विश्व वृद्धजन दिवस के अवसर पर उत्तराखंड वरिष्ठ नागरिक कल्याण समिति की ओर से गुरुवार को तुलसी प्रतिष्ठान, आनंद चौक, तिलक रोड में वरिष्ठ नागरिकों एवं बुद्धिजीवियों के सम्मान में भव्य समारोह आयोजित किया गया। समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष तीरथ सिंह रावत मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता समिति के प्रदेश अध्यक्ष धन प्रकाश गोयल ने की तथा राज्य मंत्री श्याम अग्रवाल, विशाल गुप्ता एवं समाजसेवी तारा चंद गुप्ता विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के स्वागत के बाद दीप प्रज्वलन एवं गणेश स्तुति से हुआ।

वरिष्ठजनों के अनुभव का लाभ लेना चाहिए : तीरथ सिंह रावत

मुख्य अतिथि पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने अपने संबोधन में कार्यक्रम में उपस्थित वरिष्ठ नागरिकों, मातृशक्ति एवं सभी गणमान्य लोगों को नमन करते हुए कहा कि वरिष्ठजनों का अनुभव समाज के लिए अमूल्य धरोहर है। उन्होंने कार्यक्रम में पहुंचने में हुई देरी के लिए उपस्थित लोगों से क्षमा मांगी और कहा कि दिल्ली में कार्यक्रम होने के बावजूद समिति पदाधिकारियों के लगातार आग्रह के कारण वे कार्यक्रम में शामिल होने के लिए देहरादून पहुंचे।

उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों का संरक्षण और आशीर्वाद उन्हें निरंतर मिलता रहे, यही उनकी कामना है। वरिष्ठजनों की वरिष्ठता और जीवन के लंबे अनुभव से नई पीढ़ी को बहुत कुछ सीखने को मिलता है। उन्होंने कहा कि वे स्वयं भी वरिष्ठजनों के अनुभव का लाभ लेना चाहते हैं और समाज की नई पीढ़ी को भी इससे प्रेरणा लेनी चाहिए।

तीरथ सिंह रावत ने कहा कि उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद अनेक लोगों को लंबे समय से सामाजिक सेवा से जुड़े हुए देखा है। कोई विद्यालय के माध्यम से, कोई आर्य समाज के माध्यम से और कोई अन्य सामाजिक गतिविधियों के जरिए समाज की सेवा में अपना समय दे रहा है। उन्होंने कहा कि अपने लिए तो हर व्यक्ति कुछ न कुछ करता है, लेकिन समाज के लिए समय देना और सेवा के कार्यों में समर्पण करना हर किसी के भाग्य में नहीं होता।

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उन्होंने कहा कि जीवन में आना-जाना तो लगा रहता है, लेकिन व्यक्ति अपने जीवन में ऐसा कुछ करके जाए जिससे समाज को लाभ मिले, यही सबसे बड़ा योगदान है। वरिष्ठ नागरिकों और समाजसेवियों द्वारा किए जा रहे सेवा कार्यों से प्रेरणा लेने की आवश्यकता है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि वरिष्ठ नागरिक समाज की ऐसी धरोहर हैं, जिनके अनुभवों से परिवार, समाज और नई पीढ़ी को दिशा मिलती है। उन्होंने सभी वरिष्ठजनों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका आशीर्वाद और मार्गदर्शन समाज के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।

समिति पदाधिकारियों ने कहा कि विश्व वृद्धजन दिवस का उद्देश्य समाज में वरिष्ठ नागरिकों के अनुभव, योगदान एवं गरिमा को सम्मान देना है। उन्होंने कहा कि “वृद्धजन अनुभव की धरोहर हैं, उनका सम्मान हम सबका कर्तव्य है।” इसी भावना के साथ आयोजित समारोह के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता का संदेश दिया गया।

समारोह में बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिक, बुद्धिजीवी, महिलाएं एवं समाजसेवी उपस्थित रहे। समिति के प्रदेश महामंत्री मिलिंद गोयल,प्रदेश कोषाध्यक्ष वी.के. गोयल, स्वागताध्यक्ष इं. एम.सी. गुप्ता, जनसंपर्क अधिकारी नरेश सिंघल, जनसंपर्क अधिकारी डॉ. सुनील अग्रवाल, कार्यक्रम संयोजक एडवोकेट संजय कुमार गर्ग, कार्यक्रम संयोजक गोपाल सिंघल सहित समिति के पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।

समारोह में वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान के साथ सामाजिक सेवा, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और आपसी स्नेह का भी वातावरण देखने को मिला। आयोजन ने वरिष्ठजनों के प्रति सम्मान के साथ-साथ समाज सेवा के लिए समर्पण की भावना को भी रेखांकित किया।
इसके पश्चात विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले वरिष्ठ नागरिकों एवं बुद्धिजीवियों को सम्मानित किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों, पुरस्कार वितरण एवं आभार व्यक्त करने के साथ समारोह का समापन हुआ। अंत में अतिथियों एवं प्रतिभागियों के लिए स्नेह भोज का आयोजन किया गया।

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