उत्तर प्रदेशजनसुनवाई

विधायक अशरफ अली खान ने उठाया बिजली संकट का मुद्दा, मरम्मत कार्य के दौरान कई क्षेत्रों की सप्लाई बंद होने पर जताई चिंता

कमाल अख्तर ने भी क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था में सुधार की जरूरत पर दिया जोर, 33 केवी लाइनों के क्रॉसिंग वाले हिस्सों में एक्सएलपीई केबल लगाने का सुझाव

जलालाबाद 21 सितम्बर । विधान मंडल दल की सार्वजनिक उपक्रम एवं निगम संयुक्त समिति की बैठक में क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति से जुड़ी गंभीर समस्या का मुद्दा उठाया गया। विधायक अशरफ अली खान ने एक उपकेंद्र पर मरम्मत कार्य के दौरान अन्य क्षेत्रों की विद्युत आपूर्ति बाधित होने की समस्या की ओर समिति का ध्यान आकर्षित किया। कमाल खान ने भी क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए आवश्यक तकनीकी सुधार किए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
बताया गया कि जलालाबाद में पारेषण उपकेंद्र 132 केवी से थानाभवन देहात, सीटीआर थानाभवन नगर, हसनपुर लुहारी, बिरालसी, चौकड़ा और जड़ौदा पांडा सहित कई उपकेंद्रों को 33 केवी लाइनों के माध्यम से विद्युत आपूर्ति की जाती है। इन उपकेंद्रों की 33 केवी लाइनें कई स्थानों पर एक-दूसरे को क्रॉस करते हुए गुजरती हैं। इसके चलते किसी एक उपकेंद्र पर मरम्मत कार्य होने पर सुरक्षा कारणों से अन्य उपकेंद्रों की विद्युत आपूर्ति भी बंद करनी पड़ती है। इससे संबंधित क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से बिजली आपूर्ति बाधित होती है।
विधायक अशरफ अली खान की ओर से समिति के समक्ष सुझाव रखा गया कि इन उपकेंद्रों की 33 केवी लाइनों के बीच आने वाले डॉग वायर के स्थान पर एक्सएलपीई केबल की व्यवस्था की जाए। इससे किसी एक उपकेंद्र पर मरम्मत कार्य के दौरान अन्य क्षेत्रों की विद्युत आपूर्ति को चालू रखा जा सकेगा और उपभोक्ताओं को अनावश्यक बिजली कटौती से राहत मिलेगी।
इसी तरह जलालाबाद बिजलीघर से 132 केवी के माध्यम से जुड़े हसनपुर लुहारी और भैसानी उपकेंद्रों की विद्युत आपूर्ति को अलग-अलग करने का सुझाव भी दिया गया। इसके लिए जलालाबाद उपकेंद्र पर अलग से बे बनाकर दोनों उपकेंद्रों की 33 केवी लाइनों को पृथक किए जाने की आवश्यकता बताई गई।
बैठक में विधायक अशरफ अली खान एवं कमाल खान ने क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और निर्बाध बनाने के लिए आवश्यक तकनीकी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर कराने पर जोर दिया। इससे एक क्षेत्र में होने वाले मरम्मत कार्य का असर दूसरे क्षेत्रों की विद्युत आपूर्ति पर नहीं पड़ेगा।

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