अबू सलेम की समयपूर्व रिहाई की याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की, 2030 तक जेल में रहेगा
नई दिल्ली 10 सितंबर । सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को गैंगस्टर अबू सलेम की समयपूर्व रिहाई की मांग वाली याचिका खारिज कर दी। शीर्ष अदालत ने बॉम्बे हाईकोर्ट के अप्रैल 2026 के आदेश को बरकरार रखते हुए स्पष्ट किया कि पुर्तगाल से प्रत्यर्पण के दौरान तय शर्तों से जुड़ी उसकी 25 वर्ष की सजा की अवधि 2030 में पूरी मानी जाएगी।
अबू सलेम ने सुप्रीम कोर्ट में दावा किया था कि वह प्रत्यर्पण की शर्तों से जुड़ी 25 वर्ष की अवधि पहले ही पूरी कर चुका है और इसलिए उसे समयपूर्व रिहाई का लाभ दिया जाना चाहिए। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने उसके इस दावे को स्वीकार नहीं किया।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अबू सलेम की प्रत्यर्पण से जुड़ी 25 वर्ष की कारावास अवधि 2030 तक प्रभावी रहेगी। इससे उसकी समयपूर्व रिहाई की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है। शीर्ष अदालत ने इस मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट के अप्रैल 2026 के निर्णय को कायम रखते हुए याचिका का निस्तारण कर दिया।