भाई बहिन के पवित्र पर्व रक्षाबंधन पर बाजारों में रंग बिरंगी राखी एवं मिष्ठान खरीदती बहिने
नैनीताल 27 अगस्त । (ललित जोशी)
सरोवर नगरी में जैसे ही आसमान साफ नजर आया तो बहिने भी अपने भाई की कलाई पर रक्षाबंधन का धागा व रंग बिरंगी राखी के साथ मिष्ठान लेने के लिए बाजार में आ गई। यह रक्षाबंधन भाई बहिन का पवित्र पर्व माना जाता है।
बहनें अपने भाइयों की कलाई पर बांधने के लिए पसंदीदा राखी खरीदने के लिए बाजारों का रुख कर रही हैं। रक्षाबंधन को लेकर इस बार नैनीताल के बाजारों में खास तैयारियां देखने को मिल रही हैं।
दुकानों पर पारंपरिक राखियों के साथ देश के अलग-अलग हिस्सों से आई राखियों की भी बड़ी रेंज उपलब्ध है।
अलग-अलग डिजाइन, रंग और सजावट वाली इन राखियों की खरीदारी के लिए महिलाएं और युवतियां बाजार पहुंच रही हैं। दुकानदारों के मुताबिक, इस बार ग्राहकों की पसंद में भी काफी विविधता देखने को मिल रही है।
कुछ लोग पारंपरिक राखियां पसंद कर रहे हैं, तो कई बहनें अलग-अलग डिजाइन वाली राखियों को अपने भाइयों के लिए खरीद रही हैं।
बाजार में बच्चों को आकर्षित करने वाली कार्टून और रंगीन राखियां भी उपलब्ध हैं। राखी की खरीदारी बढ़ने से स्थानीय व्यापारियों के चेहरे पर भी खुशी नजर आ रही है।
राखी व मिष्ठान खरीदने के लिए परिवार के लोग भी खरीदारी करने में जुटे हुए हैं।
रक्षाबंधन सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि भाई-बहन के रिश्ते में प्रेम, विश्वास और स्नेह को मजबूत करने का अवसर है। बहन भाई की कलाई पर राखी बांधकर उसके सुखी और सुरक्षित जीवन की कामना करती है, वहीं भाई भी बहन की हर परिस्थिति में साथ देने का संकल्प लेता है। बहिन भाई के हाथ में राखी बांधती है वही भाई भी बहिना को उपहार स्वरूप कुछ न कुछ देता है और उसकी जिम्मेदारी को बखूबी निभाने का वचन देता है। जबकि कुछ दिनों से मौसम खराब चल रहा था पर अचानक मौसम ठीक होने से राखी व मिष्ठान बेचने वाले दुकानदारों के चेहरे में खुशी साफ दिखाई दे रही थी।