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संवाद ही हर समस्या के समाधान का सबसे प्रभावी माध्यम: राज्यपाल

लोक भवन देहरादून 04 अगस्त,2026 । राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने मंगलवार को लोक भवन में महावीरायतन फाउंडेशन द्वारा आयोजित ‘‘संवाद से समाधान’’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जब विश्व विभिन्न संघर्षों और चुनौतियों से जूझ रहा है, तब संवाद ही हर समस्या के समाधान का सबसे प्रभावी और स्थायी माध्यम है। उन्होंने कहा कि जहाँ संवाद समाप्त होता है, वहीं से संघर्ष प्रारम्भ होता है।
राज्यपाल ने भगवान महावीर स्वामी के जीवन-दर्शन का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने स्वयं पर विजय प्राप्त कर आत्मसंयम, अहिंसा, करुणा और समरसता का मार्ग दिखाया। उनके सिद्धांत आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं और समाज को शांति, सद्भाव एवं सह-अस्तित्व का संदेश देते हैं। उन्होंने कहा कि भगवान महावीर का ‘‘जियो और जीने दो’’ का संदेश सम्पूर्ण मानवता के लिए प्रेरणास्रोत है।
राज्यपाल ने कहा कि भारत की शक्ति उसकी विविधता में निहित एकता है, यह ‘‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’’ की मजबूत नींव है। उन्होंने कहा कि भारत की आत्मा उसकी संस्कृति और साझा मूल्यों में बसती है तथा संवाद और समरसता से ही सशक्त समाज और सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव है।
उन्होंने कहा कि आज विश्व के अनेक भाग संघर्षों से प्रभावित हैं। ऐसे समय में देवभूमि उत्तराखण्ड से संवाद, शांति और सह-अस्तित्व का संदेश पूरे देश और विश्व तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने महावीरायतन फाउंडेशन द्वारा समाज में संवाद, नैतिक मूल्यों और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि यह अभियान जन-जन तक सकारात्मक संदेश पहुंचाएगा। उन्होंने कहा कि हमें ऐसे भारत बनाने का संकल्प लेना होगा, जहाँ संवाद, सद्भाव, समरसता और अहिंसा हमारे जीवन मूल्य हों।
इस अवसर पर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि जीवन की जटिल से जटिल समस्याओं का समाधान भी संवाद से ही संभव है। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड से प्रारम्भ हुआ यह अभियान समाज को नई ऊर्जा प्रदान करेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रारम्भ किए गए ‘‘नशा मुक्त युवा-विकसित भारत संकल्प अभियान’’ को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में महावीरायतन फाउंडेशन के संस्थापक देवेन्द्र ब्रह्मचारी ने कहा कि भगवान महावीर के कालजयी सिद्धांत आज के वैश्विक परिदृश्य में अत्यंत प्रासांगिक हैं। इस अवसर पर महंत राजेश दास, श्री चंद्र कुमार जजोटिया तथा डॉ. प्रभा किरण ने अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर ‘‘भारत गौरव और निर्गुण चदरिया’’ पुस्तक का विमोचन किया गया तथा विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों को शब्द कृति सम्मान, लोक सेवा गौरव सम्मान, महावीर लोकमंगल सम्मान और समाज गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया।

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