
नई दिल्ली। देश की राजनीति और शिक्षा जगत से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। पिछले कई दिनों से NEET-UG परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्र संगठन और विपक्षी दल लगातार उनके इस्तीफे की मांग कर रहे थे। आखिरकार चौतरफा दबाव के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना त्यागपत्र भेज दिया है।सोशल मीडिया (X) पर दी जानकारी: धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पोस्ट साझा करते हुए अपने इस्तीफे का ऐलान किया। उन्होंने लिखा, “3 मई 2026 को हुई NEET-UG की परीक्षा में सामने आई अनियमितताओं को सरकार ने तुरंत संज्ञान में लिया था। देश के युवाओं की आकांक्षाओं और न्यायोचित अपेक्षाओं का सम्मान करते हुए मैं अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री जी को सौंप रहा हूँ।” उन्होंने यह भी कहा कि वह नहीं चाहते कि देश के छात्रों का भविष्य किसी कानूनी उलझन या टकराव में फंसे।
जंतर-मंतर पर चल रहा था उग्र प्रदर्शन छात्रों का आंदोलन: NEET पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर हजारों छात्र पिछले कई दिनों से डेरा डाले हुए थे।CJP का नेतृत्व: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और अन्य छात्र संगठनों के नेतृत्व में यह आंदोलन देशव्यापी हो चुका था।विपक्ष का हमला: कांग्रेस नेता राहुल गांधी सहित पूरा विपक्ष संसद से लेकर सड़क तक शिक्षा मंत्री को हटाने पर अड़ा था।सरकार और आंदोलनकारियों के बीच वार्ता से पहले बड़ा फैसला यह इस्तीफा ऐसे समय पर आया है जब आज ही सरकार और आंदोलनकारी नेताओं के बीच तीसरे दौर की महत्वपूर्ण बातचीत होने वाली थी। इस बातचीत से ठीक पहले धर्मेंद्र प्रधान का पद छोड़ना सरकार के बैकफुट पर आने का साफ संकेत माना जा रहा है। इस्तीफा देने की खबर मिलते ही जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों और समर्थकों ने जश्न मनाना शुरू कर दिया है।
रिपोर्ट : सिद्धार्थ भारद्वाज प्रभारी दिल्ली एनसीआर।