हिन्दू साम्राज्य दिवस पर संघ कार्यालय में संगोष्ठी, छत्रपति शिवाजी महाराज के आदर्शों पर चलने का आह्वान

देहरादून, 5 जुलाई। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रान्त कार्यालय सभागार में रविवार को “हिन्दू साम्राज्य दिवस” के अवसर पर भव्य विचारगोष्ठी एवं संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में संघ के पदाधिकारियों, स्वयंसेवकों, विभिन्न सामाजिक एवं शैक्षणिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का संचालन प्रख्यात कवि श्रीकांत श्री ने किया। उन्होंने प्रेरणादायी काव्य पंक्तियों के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए अतिथियों का स्वागत एवं परिचय कराया।
प्रारंभिक उद्बोधन में विजय जी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के छह उत्सवों की परंपरा, उनके उद्देश्य और समाज जीवन में उनकी प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संघ के उत्सव समाज को संगठित, संस्कारित, राष्ट्रनिष्ठ और आत्मविश्वासी बनाने का माध्यम हैं।
मुख्य वक्ता संघ के विभाग प्रचारक धनंजय जी ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज केवल मराठा समाज के शासक नहीं, बल्कि सम्पूर्ण हिन्दू समाज के स्वाभिमान, स्वराज और सांस्कृतिक अस्मिता के प्रतीक थे। उन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन हिन्दवी स्वराज की स्थापना, धर्म और संस्कृति की रक्षा तथा समाज के आत्मगौरव को पुनर्स्थापित करने के लिए समर्पित किया।
उन्होंने कहा कि शिवाजी महाराज के व्यक्तित्व निर्माण में राजमाता जीजाबाई की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने बाल्यकाल से ही शिवाजी को राष्ट्रभक्ति, धर्मनिष्ठा, न्यायप्रियता और चरित्र निर्माण के संस्कार दिए। धनंजय जी ने शिवाजी महाराज के बाल्यकाल के साहस, बीजापुर में गौहत्या के विरोध, समर्थ गुरु रामदास के मार्गदर्शन, अफजल खान प्रकरण, मुगल और आदिलशाही के विरुद्ध संघर्ष तथा बाजी प्रभु देशपांडे के अद्वितीय बलिदान का उल्लेख करते हुए कहा कि ये प्रसंग आज भी राष्ट्रभक्ति और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा देते हैं।
वक्ताओं ने कहा कि “हिन्दू साम्राज्य दिवस” केवल ऐतिहासिक घटना का स्मरण नहीं, बल्कि राष्ट्र चेतना, सांस्कृतिक गौरव, स्वाभिमान और संगठन शक्ति को जागृत करने का पर्व है। उन्होंने युवाओं से शिवाजी महाराज के आदर्शों का अनुसरण करते हुए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का समापन हिन्दवी स्वराज के आदर्शों के अनुरूप राष्ट्र के वैभव, सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक चेतना और संगठित समाज के निर्माण के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।
इस अवसर पर पद्मश्री आर.के. जैन (पूर्व अल्पसंख्यक आयोग अध्यक्ष), रितु गुजराल (अधिवक्ता), श्री नौटियाल, मधु गुप्ता (व्यापार श्री मंडल अध्यक्ष), हरजीत कौर, वरिष्ठ पत्रकार पंकूल शर्मा, डॉ. अभय, विवेक शर्मा, श्रीकांत शर्मा सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षाविद, उद्यमी, वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं।


