अभाविप राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद बैठक का कल होगा समापन, चार महत्वपूर्ण प्रस्ताव होंगे पारित

देहरादून,30 मई 2026
। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) की राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद की चल रही बैठक का समापन रविवार को होगा। बैठक के अंतिम दिन शिक्षा, अर्बन माओवाद, महिला सुरक्षा और वैश्विक परिदृश्य से संबंधित चार महत्वपूर्ण प्रस्तावों को सर्वसम्मति से पारित किया जाएगा।
बैठक में देशभर के विभिन्न प्रांतों से आए कार्यकर्ता-प्रतिनिधियों ने शिक्षा, राष्ट्रीय सुरक्षा, वैश्विक परिदृश्य तथा भारतीय अनुसंधान पारिस्थितिकी तंत्र जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की। प्रतिनिधियों ने विभिन्न प्रस्तावों पर अपने सुझाव भी प्रस्तुत किए, जिन पर गहन चिंतन-मंथन के बाद अंतिम रूप दिया गया।
इस अवसर पर अभाविप ने भारतीय उद्योग जगत से अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) में निवेश बढ़ाने का आह्वान किया। परिषद का मानना है कि विकसित भारत के निर्माण के लिए अनुसंधान संबंधी अवसंरचना और नवाचार को मजबूत करना अत्यंत आवश्यक है।
अभाविप के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा कि भारत को वैश्विक स्तर पर अग्रणी बनाने के लिए सरकारी संस्थानों और उद्योग जगत के बीच मजबूत साझेदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में देश में अनुसंधान एवं विकास पर सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का एक प्रतिशत से भी कम खर्च किया जाता है, जिसमें अधिकांश योगदान सरकारी संस्थानों का है।
डॉ. सोलंकी ने भारतीय उद्यमियों से कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्वांटम प्रौद्योगिकी, साइबर सुरक्षा, जैव प्रौद्योगिकी, स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा सहित उभरते क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि उद्योग जगत के संसाधनों और शैक्षणिक संस्थानों की क्षमता का समन्वय आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को नई गति प्रदान करेगा।
उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल रोजगार या डिग्री प्राप्ति का माध्यम नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण, ज्ञान सृजन और नवाचार का आधार भी है। अनुसंधान में बढ़ा हुआ निवेश भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता, राष्ट्रीय सुरक्षा और वैश्विक नेतृत्व को और अधिक सशक्त बनाएगा।
अभाविप का मानना है कि युवा शक्ति और उद्योग जगत की साझेदारी भारत को वैश्विक नवाचार का केंद्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। बैठक के समापन दिवस पर पारित होने वाले प्रस्ताव संगठन की आगामी दिशा और प्राथमिकताओं को निर्धारित करेंगे।


