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यमकेश्वर में श्रीमद्भागवत कथा: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्रद्धालुओं को किया संबोधित

यमकेश्वर 20अप्रैल । वानप्रस्थ आश्रम में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सहभागिता करते हुए श्रद्धालुओं को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत भगवान श्रीकृष्ण का सजीव स्वरूप है, जो मानव को धर्म, ज्ञान और भक्ति के मार्ग पर अग्रसर करते हुए जीवन को सकारात्मक दिशा प्रदान करती है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में प्रदेश सरकार द्वारा धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में चारधाम यात्रा मार्गों का चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण किया गया है, जिससे यात्रा अब अधिक सुगम, सुरक्षित और सुविधाजनक हो गई है। उन्होंने बताया कि राज्य में धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन को सशक्त करने के लिए कई महत्वाकांक्षी परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं।
उन्होंने कालसी-हरीपुर क्षेत्र में यमुना नदी के तट पर घाट निर्माण, शारदा कॉरिडोर, हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर तथा दून विश्वविद्यालय में सेंटर फॉर हिन्दू स्टडीज की स्थापना जैसे महत्वपूर्ण कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि ये प्रयास प्रदेश की आर्थिकी को मजबूती देने के साथ ही सांस्कृतिक पहचान को भी सुदृढ़ कर रहे हैं।
कार्यक्रम में स्थानीय विधायक रेनू बिष्ट ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि सरकार के सतत प्रयासों और प्रभावी कार्यशैली के चलते यमकेश्वर क्षेत्र में विकास कार्यों को नई गति मिली है, जिससे क्षेत्रवासियों को प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त हो रहा है।
इस अवसर पर व्यास पीठ से कथा वाचन कर रहे पूज्य गोविन्द देव गिरी जी महाराज ने श्रीमद्भागवत के आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं नैतिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए श्रद्धालुओं को धर्म, आस्था और सत्कर्म के मार्ग पर चलने का संदेश दिया।
वहीं स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को नैतिक मूल्यों, सेवा भाव और मानवता के उच्च आदर्शों की ओर प्रेरित करने का एक सशक्त माध्यम है।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और भक्ति व आध्यात्मिक वातावरण में कथा का रसपान किया।

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