लोक भवन में मनाया गया हिमाचल प्रदेश स्थापना दिवस, सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समा


देहरादून 15 अप्रैल 2026 । लोक भवन में बुधवार को हिमाचल प्रदेश का स्थापना दिवस उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में हिमाचल राज्य से जुड़े देहरादून स्थित विभिन्न संस्थानों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
इस अवसर पर छात्र-छात्राओं ने पारंपरिक वेशभूषा में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए, जिनमें हिमाचल प्रदेश की समृद्ध लोक संस्कृति, परंपराओं और कला की झलक देखने को मिली।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) ने सभी को हिमाचल प्रदेश स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपने संबोधन में हिमाचल प्रदेश के गौरवशाली इतिहास और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की सराहना करते हुए कहा कि हिमाचल और उत्तराखण्ड के बीच गहरा सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और प्राकृतिक संबंध है।
उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों को ‘देवभूमि’ के रूप में जाना जाता है, जहां आस्था, लोक परंपराएं, सरल जीवनशैली और प्रकृति के प्रति सम्मान की भावना समान रूप से दिखाई देती है।
राज्यपाल ने कहा कि विभिन्न राज्यों के स्थापना दिवस जैसे आयोजन देश की विविधता को समझने और अपनाने का सशक्त माध्यम हैं। इससे एक-दूसरे की भाषा, वेशभूषा, खान-पान और परंपराओं को जानने का अवसर मिलता है, जो आपसी सद्भाव और सांस्कृतिक समन्वय को बढ़ावा देता है। उन्होंने “एक भारत-श्रेष्ठ भारत” जैसे कार्यक्रमों को राष्ट्रीय एकता और अखंडता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण बताया।
इस अवसर पर सचिव राज्यपाल रविनाथ रामन, अपर सचिव रीना जोशी, साईं इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी देहरादून की उपाध्यक्ष रानी अरोरा, जनसंपर्क अधिकारी श्रुति अग्रवाल, कामिनी शर्मा, अर्चना कंडारी, आशा पाल सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।



