टिहरी की रामलीला में सप्तम दिवस पर सीता हरण से बाली वध तक की लीला ने बांधा समां

नई टिहरी 28 मई।
टिहरी की ऐतिहासिक रामलीला के सप्तम दिवस की लीला का मंचन सीता हरण से प्रारंभ होकर जटायु वध, हनुमान-श्रीराम मिलन और बाली वध तक हुआ। कलाकारों के जीवंत अभिनय ने देर रात तक दर्शकों को मंत्रमुग्ध बनाए रखा। विशेष रूप से रावण के दमदार अभिनय के साथ राम, लक्ष्मण, सीता, हनुमान, बाली एवं सुग्रीव की प्रभावशाली प्रस्तुतियों की जनता ने जमकर सराहना की।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शूरबीर सिंह सजवान वरिष्ठ काँग्रेस नेता एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री तथा अभिनव थापर काँग्रेस प्रवक्ता एवं अध्यक्ष श्री रामकृष्ण लीला समिति टिहरी 1952, देहरादून एवं उपस्थित रहे।
वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में अंबिका सजवान पूर्व अध्यक्ष जिला पंचायत टिहरी, संदीप शर्मा जनरल मैनेजर GE कंपनी कोटी कॉलोनी, भगवान सिंह रावत अध्यक्ष व्यापार मंडल नई टिहरी, अमोद नौटियाल मत्स्य निरीक्षक, सुरेंद्र राणा होटल हरीमंगलम बौराड़ी, हरी कृष्ण लांबा अध्यक्ष गीता भवन, राकेश राणा पूर्व जिला अध्यक्ष काँग्रेस, आशा रावत महिला काँग्रेस जिला अध्यक्ष टिहरी, सीनियर जज दयाराम जी, नरेंद्र रमोला वरिष्ठ काँग्रेस नेता, कुलदीप पँवार शहर काँग्रेस अध्यक्ष एवं उनकी धर्म पत्नी रेणु पँवार, दुर्गा भट्ट एवं शशि पैन्यूलि सदस्य रामलीला समिति देहरादून, राजेंद्र डोभाल वरिष्ठ भाजपा नेता, मायाराम थपलियाल व्यवसायी नई टिहरी, बेताल सिंह कुमाईं, संजीव भट्ट प्रवक्ता DIET, उमा दत्त डंगवाल अधिवक्ता, अनिता रावत महिला काँग्रेस नेता, लक्ष्मी रावत प्रधान प्रतापनगर, ममता उनियाल काँग्रेस नेता, प्रकाश डोभाल पूर्व अध्यक्ष व्यापार मंडल नई टिहरी, शक्ति प्रसाद चमोली इंजीनियर THDC, असद आलम क्रिकेट प्रशिक्षक सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
अभिनव थापर जी ने कहा कि जिस सोच के साथ उन्होंने देहरादून में टिहरी की रामलीला को पुनर्जीवित करने का रोडमैप तैयार किया था, आज वह अपने लक्ष्य के काफी करीब पहुंच चुका है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 में प्रारंभ हुई यह रामलीला मात्र तीन वर्षों में भारत की प्रमुख पांच रामलीलाओं में अपनी पहचान बना चुकी है। पिछले वर्ष इस रामलीला को रिकॉर्ड 85 लाख लोगों ने देखा, जो अपने आप में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने समस्त भारत की जनता एवं राम भक्तों का आभार व्यक्त किया।
शूरबीर सिंह सजवान वरिष्ठ काँग्रेस नेता एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री ने कलाकारों के अभिनय की सराहना करते हुए कहा कि टिहरी की रामलीला देश की सर्वश्रेष्ठ रामलीलाओं में से एक है। उन्होंने युवा पीढ़ी से भगवान श्रीराम के आदर्शों पर चलने का आह्वान भी किया।
रामलीला समिति के अध्यक्ष श्री देवेंद्र नौडियाल एवं समिति के अन्य सदस्यों ने सभी अतिथियों का अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया।
मंच संचालन समिति के संरक्षक सतीश थपलियाल ने किया।
इस अवसर पर समिति के संयोजक डॉ0 राकेश भूषण गोदियाल, संरक्षक मोहन सिंह रावत (अध्यक्ष, नगर पालिका), कमल सिंह महर, महावीर उनियाल, देशभूषण जोशी, महासचिव अमित पंत, मनोज शाह, त्रिलोक चंद्र रमोला, राजेन्द्र असवाल, राकेश मोहन भट्ट, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राकेश लांबा, उपाध्यक्ष भगवान चंद रमोला, मनोज राय, सुषमा उनियाल, रचना उनियाल, जशोदा नेगी, सभासद उर्मिला राणा, निर्देशक अनुराग पंत, सचिव गंगा भगत नेगी, नन्दू बाल्मीकि, सीताराम भट्ट, भवानी भाई, अनुसुया नौटियाल, सीमा पंत, हरीश गिरी, अनुज पंत, हरीश घिल्डियाल, जयेंद्र पांडे, शिवम गिरी, मनीष पंत, अंकित पांडे, अंजलि गिरी, अंजलि विश्वकर्मा, परिधि पंत, शंकर सैनी, अनिका पंत, कल्पना पांडे, ममता पंत, गबर तथा सूरज गिरी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग एवं श्रद्धालु भी मौजूद रहे।

