‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान को लेकर मुख्य सचिव के निर्देश, 45 दिन में प्रत्येक न्याय पंचायत होगी योजनाओं से संतृप्त

देहरादून, 16 दिसम्बर ।मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने मंगलवार को सचिवालय में जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक कर ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य राज्य के प्रत्येक पात्र नागरिक तक राज्य एवं केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।
मुख्य सचिव ने बताया कि 17 दिसम्बर से आगामी 45 दिनों तक प्रदेश की प्रत्येक न्याय पंचायत में कैम्प आयोजित कर 23 विभागों की विभिन्न योजनाओं से पात्र नागरिकों को संतृप्त किया जाएगा। इसके लिए प्रत्येक जनपद को अपनी न्याय पंचायतों की संख्या के अनुसार रोस्टर तैयार कर कैम्प आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जिन जनपदों में न्याय पंचायतों की संख्या अधिक है, वहां यह अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक सभी पात्र नागरिक योजनाओं के लाभ से संतृप्त नहीं हो जाते।
उन्होंने निर्देश दिए कि अधिकारियों की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक सप्ताह 2 से 3 कार्यदिवसों में प्रत्येक तहसील की सभी न्याय पंचायतों में कैम्प आयोजित किए जाएं। कैम्प से पूर्व न्याय पंचायतों में व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए, ताकि पात्र नागरिक समय पर आवश्यक दस्तावेज तैयार कर कैम्प में लाभ प्राप्त कर सकें। प्रचार-प्रसार के लिए सोशल मीडिया टूल्स के उपयोग पर भी विशेष जोर दिया गया।
मुख्य सचिव ने कहा कि कैम्प से 2–3 दिन पूर्व संबंधित न्याय पंचायत में सभी प्रकार के आवेदन पत्र एवं योजना संबंधी जानकारी अनिवार्य रूप से उपलब्ध करा दी जाए। कैम्प के उपरांत अधिकारियों द्वारा न्याय पंचायत के आसपास के गांवों का भ्रमण कर पात्र नागरिकों से आवेदन भरवाए जाएं, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति जनकल्याणकारी योजनाओं से वंचित न रहे।
उन्होंने बताया कि इन बहुद्देशीय कैम्पों के माध्यम से समाज कल्याण विभाग की पेंशन योजनाएं, विभिन्न प्रमाण पत्र, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना का पंजीकरण सहित कुल 23 विभागों की योजनाओं का लाभ प्रदान किया जाएगा। साथ ही, राज्य एवं जनपद स्तरीय बैंकर्स समिति को भी ऋण संबंधी योजनाओं के लिए कैम्प में शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्य सचिव ने प्रभारी सचिवों को अपने अधीन जनपदों में आयोजित होने वाले कैम्पों का औचक निरीक्षण करने के निर्देश देते हुए कहा कि कैम्पों में प्राप्त जन-शिकायतों का तत्काल निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा निरंतर मॉनिटरिंग की जाए। प्रत्येक सप्ताह आयोजित कैम्पों की प्रगति रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय, मुख्य सचिव कार्यालय एवं सामान्य प्रशासन विभाग को भेजी जाए।
उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को आयोजित कैम्पों का डेटाबेस तैयार करने तथा कैम्पों के डॉक्यूमेंटेशन के लिए एक ऐप विकसित करने के भी निर्देश दिए।
बैठक में प्रमुख सचिव श्री आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव श्री शैलेश बगौली, श्री दिलीप जावलकर, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, श्री विनय शंकर पाण्डेय, श्री श्रीधर बाबू अद्धांकी, डॉ. वी. षणमुगम, श्री विनोद कुमार सुमन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
