वाइब्रेंट विलेज को वाईब्रेंट बनाने के लिए ऐसी योजनाएं बने जो व्यवहारिक और सतत् होंः संधु

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देहरादून। मुख्य सचिव डा. एसएस संधु ने सभी जिलाधिकारियों को चिन्हित वाइब्रेंट विलेज को वाईब्रेंट बनाने के लिए ऐसी योजनाओं को संचालित करने के निर्देश दिए जो व्यवहारिक और सतत् हों।
आज यहां मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु की अध्यक्षता में सचिवालय में वाईब्रेंट विलेज कार्यक्रम के अंतर्गत राज्य स्तरीय स्क्रीनिंग समिति की बैठक सम्पन्न हुयी। मुख्य सचिव ने वाईब्रेंट विलेज योजना के माध्यम से इन सीमा क्षेत्र के गांवों को जीवन्त करने के लिए इन गांवों से पलायन कर चुके लोगों को वापस लाने के लिए जिलाधिकारियों को चिन्हित वाइब्रेंट विलेज को वाईब्रेंट बनाने के लिए ऐसी योजनाओं को संचालित करने के निर्देश दिए जो व्यवहारिक और सतत् हों। मुख्य सचिव ने कहा कि सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और पेयजल योजनाओं से वाइब्रेंट विलेज को संतृप्त किया जाए। उन्होंने कहा कि वाईब्रेंट विलेज का हर गांव विशिष्ट है, उसकी अपनी क्षमताएं एवं सम्भावनाएं हैं। क्षेत्र की क्षमताओं और सम्भावनाओं को तलाशते हुए योजनाएं तैयार की जाएं और इन्हें सतत बनाने के लिए प्रयास किए जाएं। उन्होंने इन वाईब्रेंट विलेज के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं को भी सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वाईब्रेंट विलेज में नियुत्तफ स्वास्थ्यकर्मियों को रहने के लिए अच्छी आवासीय सुविधाएं उपलब्ध करायी जाए। साथ ही कर्मचारियों को एककृदो महीने के लिए रोटेशन के आधार पर नियुत्तफ किया जाए। सिर्फ वाईब्रेंट विलेज ही नहीं बल्कि उनके आसपास के क्षेत्रों में भी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करायी जाएं। मुख्य सचिव ने इन वाईब्रेंट विलेज के लिए यूपीसीएल को विघुत आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने पंचायती राज विभाग को प्रत्येक वाईब्रेंट विलेज में पंचायत भवन एवं खेल विभाग को भूमि की उपलब्धता के अनुसार खेल का मैदान अनिवार्य रूप से बनाए जाने के निर्देश दिए। इस अवसर पर सचिव श्रीमती राधिका झा, सचिव अरविन्द सिंह ह्यांकी, डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरूषोत्तम, डॉ. रंजीत सिन्हा, दीपेन्द्र कुमार चैधरी, अपर सचिव सी. रविशंकर, श्रीमती रंजना राजगुरू, युगल किशोर पंत, निदेशक आईटीडीए सुश्री नितिका खंडेलवाल सहित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से चमोली, पिथौरागढ़ और उत्तरकाशी जनपदों के जिलाधिकारी उपस्थित थे।