हिन्दू मंदिरों से सांईबाबा की मूर्तियों को हटाने की मांग,जिलाधिकारी से की लिखित शिकायत।

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*देहरादून से हुआ नई धार्मिक क्रांति का आगाज/ हिन्दू देवी देवताओं के मंदिरों से सांईबाबा की मूर्तियों को हटाने की मांग/जिलाधिकारी को की गई लिखित शिकायत*
देहरादून 09जून – उत्तराखंड की तपोभूमि से एक नई धार्मिक क्रांति का आगाज़ हुआ। आज जिलाधिकारी देहरादून डा.आर.राजेश कुमार को लिखित शिकायती पत्र देकर हिन्दू देवी देवताओं के मंदिरों से सांईबाबा की मूर्तियां हटाने की मांग की गई है।
*A- देवी देवताओं के मंदिरों मे सांईबाबा की मूर्ति होने से धार्मिक भावनाएं हो रही हैं आहत :*-जिलाधिकारी को दिए गए शिकायती पत्र मे कहा गया कि सोशल साइट्स के अनुसार सांईबाबा जन्म से मुस्लिम थे,जिनका नाम चांदमिंया था। हिन्दू देवी देवताओं के मंदिरों में साईंबाबा की मूर्ति स्थापित होने से धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं।
*B- राजपुर रोड पर स्थित सांईबाबा मंदिर व धर्मपुर स्थित लक्ष्मी नारायण पंचमुखी हनुमान मंदिर का दिया गया है उदाहरण;-* शिकायती पत्र मे दो स्थानों का उदाहरण भी दिया गया है। राजपुर रोड पर स्थित सांईबाबा के मंदिर मे अनेक हिंदू देवी देवताओं की मूर्तियां स्थापित की गई है, वही धर्मपुर (आराघर) के श्री लक्ष्मी नारायण पंचमुखी हनुमान मंदिर में तो कुछ समय पूर्व ही सांईबाबा की मूर्ति लगा दी गई है।
*C- देहरादून महानगर व देहरादून जनपद के सभी हिन्दू देवी देवताओं के मंदिरों से तत्काल हटाईं जाएं सांईबाबा की मूर्तियां:-* जिलाधिकारी को दिए गए शिकायती पत्र मे मांग की गई है कि देहरादून महानगर व देहरादून जनपद के सभी हिन्दू देवी देवताओं के मंदिरों से तत्काल सांईबाबा की मूर्तियों को हटाया जाए।
*D-पत्रकारों के एक प्रतिनिधि मंडल ने की है नई धार्मिक क्रांति की शुरुआत*;-उत्तराखंड के पत्रकारों ने धार्मिक, सामाजिक महत्व के अनेकों मामलों में अपनी प्रभावी भूमिका का निर्बहन किया है। धार्मिक महत्व के इस मामले की पहल भी सुरेन्द्र अग्रवाल, बिजेन्द्र यादव, रोहित गुप्ता, स्वप्निल सिन्हा जैसे जागरुक पत्रकारों ने की है।