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राफेल के 67वें संस्थापक दिवस पर समावेश का संदेश, प्रियो लॉल ने गिनाईं उपलब्धियां

देहरादून 5 अप्रैल 2026 ।

देहरादून स्थित Raphael Ryder-Cheshire International Centre में रविवार को 67वां संस्थापक दिवस उत्साह, गरिमा और समावेशी भावना के साथ मनाया गया। इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों, प्रदर्शनी और सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से सेवा और समर्पण की प्रेरणादायक झलक देखने को मिली।
वर्ष 1959 में Leonard Cheshire और Sue Ryder द्वारा स्थापित यह संस्थान आज भी समाज के वंचित और विशेष आवश्यकताओं वाले लोगों को सम्मानजनक जीवन प्रदान करने के अपने उद्देश्य पर निरंतर कार्य कर रहा है।
कार्यक्रम की शुरुआत सीईओ सुश्री प्रियो लॉल के स्वागत संबोधन से हुई। उन्होंने कहा कि संस्थापक दिवस केवल उत्सव नहीं, बल्कि संस्था की मूल विचारधारा—हर व्यक्ति के लिए गरिमा और अवसर—को याद करने का अवसर है। उन्होंने बताया कि संस्था अब अपने 70वें वर्ष की ओर अग्रसर है और इस विरासत को और मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयास जारी हैं।
इस अवसर पर 14 विद्यालयों ने भागीदारी की, जिनमें सामान्य और विशेष दोनों प्रकार के स्कूल शामिल रहे। इससे समाज में समावेश और समानता का सशक्त संदेश गया। कार्यक्रम स्थल पर व्यावसायिक प्रशिक्षण से जुड़ी गतिविधियों—खाना बनाना, दीया पेंटिंग, पेपर बैग निर्माण और सिलाई इकाई—की आकर्षक प्रदर्शनी भी लगाई गई।
सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारंभ गणेश वंदना से हुआ। इसके बाद “सितारे ज़मीन पर” थीम पर प्रस्तुति ने सभी का मन मोह लिया। साथ ही, डी.एस.ई. प्रशिक्षुओं द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक ने विशेष आवश्यकताओं वाले लोगों के जीवन की चुनौतियों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम का समापन एक भावुक पल के साथ हुआ, जब सभी प्रतिभागियों ने आकाश में गुब्बारे छोड़कर एकजुटता और सकारात्मकता का संदेश दिया।
इस मौके पर मुख्य अतिथि Narendra Jeet Singh Bindra (अध्यक्ष, Hemkund Sahib Management Trust) ने राफेल के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्था समाज में समावेश और मानव सेवा की मिसाल कायम कर रही है।
भारत के प्रथम प्रधानमंत्री Jawaharlal Nehru द्वारा प्रदान की गई भूमि पर स्थापित यह केंद्र आज हजारों लोगों के लिए आश्रय, प्रशिक्षण और आत्मनिर्भरता का माध्यम बना हुआ है।
Ryder-Cheshire Foundation के अंतर्गत संचालित राफेल आज भी समाज के कमजोर वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है।
निष्कर्ष:
राफेल का 67वां संस्थापक दिवस न केवल एक उत्सव रहा, बल्कि समाज को समावेश, संवेदनशीलता और समान अवसर का संदेश देने वाला प्रेरणादायक आयोजन भी साबित हुआ।

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