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उत्तराखंड पुलिस को “राष्ट्रपति पुलिस कलर”, सीएम धामी बोले—यह गौरव और समर्पण की राष्ट्रीय पहचान

देहरादून 02 अप्रैल । पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड पुलिस को “राष्ट्रपति पुलिस कलर” (President’s Police Colour) से सम्मानित किए जाने पर इसे राज्य के इतिहास का स्वर्णिम और गौरवपूर्ण क्षण बताया है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि केवल एक सम्मान नहीं, बल्कि पुलिस बल की कर्तव्यनिष्ठा, वीरता और समर्पण की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान है।
मुख्यमंत्री आवास में दीपम सेठ ने मुख्यमंत्री को इस सम्मान की जानकारी दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पुलिस महानिदेशक सहित सभी अधिकारियों और जवानों को इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर बधाई और शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सम्मान उत्तराखंड पुलिस को देश के उन चुनिंदा पुलिस बलों में शामिल करता है, जिन्हें उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सर्वोच्च राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त हुई है। उन्होंने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन और नेतृत्व से ही यह उपलब्धि संभव हो सकी है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि “राष्ट्रपति पुलिस कलर” एक कठोर और बहु-स्तरीय मूल्यांकन प्रक्रिया के बाद दिया जाता है, जिसमें कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, आंतरिक सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, जनसुरक्षा और तकनीकी नवाचार जैसे सभी पहलुओं का गहन परीक्षण किया जाता है। यह सम्मान पुलिस बल के ध्वज और वर्दी पर अंकित होकर उसकी गौरवशाली परंपरा का प्रतीक बनता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों और सीमित संसाधनों के बावजूद उत्तराखंड पुलिस ने कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखते हुए अपराध नियंत्रण में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। स्मार्ट पुलिसिंग और आधुनिक तकनीक के माध्यम से जनता का विश्वास जीतना इस उपलब्धि का महत्वपूर्ण आधार रहा है।
आपदा प्रबंधन में पुलिस की भूमिका की सराहना करते हुए उन्होंने वर्ष 2013 की केदारनाथ आपदा का उल्लेख किया, जिसमें पुलिस ने साहस और संवेदनशीलता के साथ हजारों लोगों की जान बचाई। इसके अलावा महाकुंभ, चारधाम यात्रा और कांवड़ यात्रा जैसे विशाल आयोजनों में सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन का सफल संचालन भी पुलिस की दक्षता को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला सुरक्षा, साइबर अपराध नियंत्रण, पर्यटन सुरक्षा और सामुदायिक पुलिसिंग के क्षेत्रों में उत्तराखंड पुलिस ने एक ऐसा मॉडल विकसित किया है, जो अन्य राज्यों के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में उत्तराखंड पुलिस स्मार्ट पुलिसिंग का वैश्विक मॉडल बनेगी।
राज्य के रजत जयंती वर्ष में यह सम्मान मिलना इसे और अधिक ऐतिहासिक बनाता है। यह उत्तराखंड की 25 वर्षों की विकास यात्रा, सेवा और समर्पण का प्रतीक है।
वहीं, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने इस उपलब्धि को उत्तराखंड पुलिस के इतिहास का स्वर्णिम अध्याय बताते हुए कहा कि यह हर पुलिसकर्मी और उनके परिवारों के त्याग, साहस और समर्पण का परिणाम है।
उत्तराखंड पुलिस अब इस सम्मान के साथ और अधिक दृढ़ संकल्प के साथ राष्ट्र और राज्य की सेवा में जुटी रहेगी।

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