सीमावर्ती गांवों में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम-2026 शुरू
देहरादून, 3 जून। युवा मामले एवं खेल मंत्रालय के युवा मामलों के विभाग ने मेरा युवा भारत (माई भारत) के माध्यम से विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम (वीवीपी) 2026 के प्रथम चरण का शुभारंभ किया है। कार्यक्रम का उद्देश्य सीमावर्ती गांवों में युवाओं की सक्रिय भागीदारी बढ़ाना, राष्ट्रीय एकता को मजबूत करना तथा सतत विकास को बढ़ावा देना है।
कार्यक्रम के तहत देशभर से चयनित 500 माई भारत स्वयंसेवक सीमावर्ती गांवों में एक सप्ताह तक चलने वाले विशेष अभियान में भाग लेंगे। इन स्वयंसेवकों का चयन राष्ट्रव्यापी ऑनलाइन क्विज प्रतियोगिता के माध्यम से किया गया, जिसमें तीन लाख से अधिक युवाओं ने हिस्सा लिया था।
प्रथम चरण में 250 स्वयंसेवकों को लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के 43 सीमावर्ती गांवों में तैनात किया गया है, जबकि शेष 250 स्वयंसेवक इस माह के अंत में दूसरे चरण के तहत 50 गांवों में गतिविधियों में भाग लेंगे।
सात दिवसीय कार्यक्रम के दौरान स्वयंसेवक स्थानीय समुदायों, पंचायत प्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और सुरक्षा बलों के साथ मिलकर कार्य करेंगे। वे घरेलू सर्वेक्षण, ग्राम सभाओं में सहभागिता, स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण अभियानों तथा ग्राम विकास योजनाओं के निर्माण में योगदान देंगे। इसके माध्यम से युवाओं को सीमावर्ती क्षेत्रों की सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक परिस्थितियों को निकट से समझने का अवसर मिलेगा।
कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण ‘नेशन फर्स्ट चैलेंज’ है, जिसके तहत स्वदेशी उत्पादों को अपनाने, स्वस्थ भोजन पद्धतियों को बढ़ावा देने, सार्वजनिक परिवहन एवं ईंधन संरक्षण, प्राकृतिक खेती और स्थानीय पर्यटन को प्रोत्साहित करने जैसे पांच विषयों पर जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे।
यह कार्यक्रम गृह मंत्रालय और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के सहयोग से संचालित किया जा रहा है। सरकार का मानना है कि यह पहल विकसित भारत-2047 के लक्ष्य की दिशा में युवाओं को राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए राष्ट्रीय, राज्य और जिला स्तर पर समन्वय तंत्र, नियंत्रण कक्ष, नोडल अधिकारियों की नियुक्ति तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम-2026 युवाओं और सीमावर्ती गांवों के बीच सामाजिक, सांस्कृतिक एवं विकासात्मक संबंधों को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।



