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“ब्वारी लेकर आएंगे” बयान महिलाओं के सम्मान के खिलाफ: दीप्ति रावत भारद्वाज

देहरादून 25 मार्च। भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत भारद्वाज ने कांग्रेसी नेता गणेश गोदियाल के हालिया बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि “ब्वारी लेकर आएंगे” जैसी भाषा न केवल महिलाओं के प्रति असंवेदनशीलता दर्शाती है, बल्कि उन्हें एक वस्तु के रूप में प्रस्तुत करने वाली मानसिकता को भी उजागर करती है, जो किसी भी सभ्य समाज के लिए चिंताजनक है।
दीप्ति रावत भारद्वाज ने कहा कि पहाड़ी बोली में “ब्वारी” का अर्थ बहू होता है और इस शब्द का इस प्रकार प्रयोग महिलाओं की गरिमा और स्वतंत्र पहचान के खिलाफ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिला कोई वस्तु नहीं है जिसे “लाया” या “ले जाया” जाए, बल्कि वह समाज की समान भागीदार और सशक्त व्यक्तित्व है, जो परिवार और राष्ट्र की आधारशिला होती है।
उन्होंने कहा कि इस तरह की टिप्पणियां महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचाने के साथ समाज में गलत संदेश भी देती हैं। आज महिलाएं भारत में आत्मनिर्भर हैं और अपने निर्णय स्वयं लेने में सक्षम हैं, ऐसे में इस प्रकार के बयान संकीर्ण सोच को दर्शाते हैं।
भाजपा प्रदेश महामंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में महिलाएं राजनीति, शिक्षा, विज्ञान, सेना, खेल और सामाजिक जीवन के हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और परिश्रम से नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। ऐसे समय में इस प्रकार के बयान महिलाओं की भूमिका और योगदान को कमतर आंकने का प्रयास हैं।
उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकारें महिला सशक्तिकरण, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को प्राथमिकता देते हुए अनेक महत्वपूर्ण निर्णय ले रही हैं, जिससे महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए बेहतर वातावरण मिला है।
अंत में दीप्ति रावत भारद्वाज ने कहा कि इस प्रकार की टिप्पणी पितृसत्तात्मक सोच को दर्शाती है और ऐसी मानसिकता को समाज में किसी भी रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने दोहराया कि भारतीय जनता पार्टी महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।

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