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बिहार दिवस पर लोक भवन में सजी सांस्कृतिक संध्या, राज्यपाल ने एकता और सांस्कृतिक समरसता पर दिया जोर

देहरादून,23 मार्च 2026। सोमवार को लोक भवन में बिहार दिवस (22 मार्च) के उपलक्ष्य में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें उत्तराखण्ड में निवास कर रहे बिहार के लोगों सहित शासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान बिहारी महासभा द्वारा बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाती आकर्षक प्रस्तुतियां दी गईं। विशेष रूप से नन्हीं बालिकाओं द्वारा प्रस्तुत लोक नृत्य ने सभी अतिथियों का मन मोह लिया और कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण बना।
इस अवसर पर राज्यपाल गुरमीत सिंह (से नि) ने अपने संबोधन में कहा कि बिहार की धरती ज्ञान, अध्यात्म, संस्कृति और इतिहास की अमूल्य धरोहर रही है। उन्होंने कहा कि यही पावन भूमि है जहां भगवान बुद्ध और भगवान महावीर ने ज्ञान और अहिंसा का संदेश दिया तथा नालंदा विश्वविद्यालय जैसे विश्वविख्यात शिक्षा केंद्र से ज्ञान की धारा पूरे विश्व में प्रवाहित हुई।
राज्यपाल ने ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को मजबूत करने पर बल देते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन विभिन्न राज्यों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देते हैं और राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता को सुदृढ़ करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार ने शासन, प्रशासन, शिक्षा और स्वास्थ्य सहित अनेक क्षेत्रों में देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
कार्यक्रम में प्रथम महिला गुरमीत कौर, मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, विशेष प्रमुख सचिव अमित कुमार सिन्हा, अपर पुलिस महानिदेशक ए. पी. अंशुमान, सचिव नितेश झा, सचिव राज्यपाल रविनाथ रामन, विधि परामर्शी कौशल किशोर शुक्ल, अपर सचिव राज्यपाल रीना जोशी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन वित्त नियंत्रक डॉ. तृप्ति श्रीवास्तव द्वारा किया गया।

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