उत्तराखण्डराजनीति

खुलकर सामने आने लगा भाजपाईयों में पनप रहा असंतोष

देहरादून 17 मार्च। आगामी विधानसभा चुनाव नजदीक है। दुसरी ओर उत्तराखण्ड में सत्ताधारी भाजपा में अंर्तकलह सामने आने लगी है। जिससे भाजपा के निष्ठावान नेता भी असहज महसूस कर रहे है।
भाजपा में फैल रहे असंतोष वाली बात बीकेटीसी के पूर्व अध्यक्ष की सोशल मीडिया पर पीएम मोदी के बयान को कोट कर सन्यास लेने की धमकी से स्पष्ट हो गई है। वही दूसरी ओर कांग्रेस भी भाजपा के अंदरूनी असंतोष के मुद्दे को हथियार के रूप में इस्तेमाल करने के लिए तैयार हो गई है।
राजनीतिक जानकार बताते है कि भाजपा आंतरिक कलह आज कोई नई बात नहीं है। इससे पहले भी कई नेता सरकार और पार्टी को असहज कर चुके हैं। भाजपा के वरिष्ठ नेता अरविंद पांडे,बिशन सिंह चुफाल, चौंपियन,पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत सहित कई ऐसा नेता है जो समय-समय पर अपनी ही पार्टी और सरकार के खिलाफ बयानवाजी कर राजनीतिक हलकों में सुर्खियां बटोरते रहे हैं। इस बार मामला भाजपा के लिए पीएम मोदी के नाम का जिक्र होने के कारण संवेदनशील हो गया है।
बता दें कि उत्तराखंड राज्य में भाजपा की राजनीतिक स्थिति मजबूत मानी जाती है। दूसरी ओर समय-समय पर पार्टी के भीतर से उठने वाली नाराजगी की आवाजें नेतृत्व के लिए चुनौती बनती रही हैं। इसी कड़ी में अब अजेंद्र अजय का बयान चर्चा का विषय बन गया है, जो अंदरूनी असंतोष का परिणाम है। चुनावी साल में पार्टियों में खींचतान लगी रहती है। कभी कांग्रेस तो कभी भाजपा में यह स्थिति बनना आम बात है। इस बार चुनाव से पहले भाजपा में खींचतान एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है। बीकेटीसी के पूर्व अध्यक्ष और भाजपा नेता अजेंद्र अजय के एक बयान ने न केवल पार्टी के अंदर हलचल मचा दी है, बल्कि विपक्ष को भी भाजपा पर हमला करने का मौका दे दिया है।
ज्ञात हो कि अजेंद्र अजय वाले प्रकरण में खास बात यह रही कि अजेंद्र ने अपनी नाराजगी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान से भी जोड़ा, जिसमें उन्होंने कहा था कि आने वाला दशक उत्तराखंड का दशक होगा। अजेंद्र अजय का कहना था कि यदि सच में राज्य के लिए यह दशक महत्वपूर्ण बनने वाला है, तो राज्य में व्यवस्थाओं और कामकाज में भी उसी स्तर की गंभीरता दिखाई देनी चाहिए। अपनी ही सरकार को कटघरे में खड़ाकर अजेंद्र ने जहां पार्टी के अंदर हलचल पैदा कर दी है। वहीं दूसरी ओर विपक्ष को भी हमलावर होने का मौका दे दिया है।

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