लोक भवन में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया अरुणाचल प्रदेश व मिजोरम का स्थापना दिवस
‘एक भारत–श्रेष्ठ भारत’ की भावना से ओतप्रोत रहा आयोजन

लोक भवन,देहरादून 20 फरवरी 2026 ।
लोक भवन में आज अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम के स्थापना दिवस का भव्य एवं सांस्कृतिक आयोजन किया गया। ‘एक भारत–श्रेष्ठ भारत’ की भावना के अनुरूप आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने दोनों राज्यों के नागरिकों को हार्दिक बधाई देते हुए पूर्वोत्तर भारत की सांस्कृतिक समृद्धि, राष्ट्रभक्ति और सामाजिक चेतना की सराहना की।
राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि भौगोलिक दूरियाँ हमें अलग नहीं करतीं, बल्कि विविधता भारत की सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने अरुणाचल प्रदेश की राष्ट्रभक्ति का उल्लेख करते हुए कहा कि वहाँ ‘नमस्ते’ के स्थान पर ‘जय हिन्द’ कहने की परंपरा गर्व का विषय है। इस अवसर पर उन्होंने तवांग और परशुराम कुंड जैसी पावन कड़ियों का भी स्मरण किया।
मिजोरम की प्रशंसा करते हुए राज्यपाल ने उसकी उच्च साक्षरता दर, नागरिक अनुशासन और पारंपरिक ‘चेराव’ नृत्य का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मिजोरम कठिन परिस्थितियों में भी जीवन को उत्सव के रूप में जीने की प्रेरणा देता है।
राज्यपाल ने कहा कि ‘एक भारत–श्रेष्ठ भारत’ केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भावनात्मक एकात्मता का राष्ट्रीय अभियान है। सीमांत क्षेत्रों का सशक्तीकरण राष्ट्र की सुरक्षा की आधारशिला है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि “विकसित भारत 2047” का लक्ष्य तभी साकार होगा जब राष्ट्र प्रथम की भावना को जीवन का मानक बनाया जाएगा और विविधता को विभाजन नहीं, बल्कि शक्ति के रूप में अपनाया जाएगा।
स्थापना दिवस समारोह के दौरान दोनों राज्यों के राज्यपालों के शुभकामना संदेशों का वाचन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण अरुणाचल प्रदेश के छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत मनमोहक लोक नृत्य और मिजोरम के छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत मधुर गीत रहे, जिन्होंने ‘लघु भारत’ की जीवंत झलक प्रस्तुत की।
इस अवसर पर अपर सचिव श्री राज्यपाल श्रीमती रीना जोशी, वित्त नियंत्रक एवं कार्यक्रम संचालिका डॉ. तृप्ति श्रीवास्तव सहित लोक भवन के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।



