दून मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस शिक्षा को आधुनिक व छात्र-केंद्रित बनाने पर मंथन, तीन दिवसीय कार्यशाला संपन्न
देहरादून 31 जनवरी । 
राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की पढ़ाई को अधिक प्रभावी, आधुनिक एवं छात्र-केंद्रित बनाने के उद्देश्य से आयोजित तीन दिवसीय बेसिक कोर्स इन मेडिकल एजुकेशन कार्यशाला का शनिवार को समापन हो गया। मेडिकल एजुकेशन यूनिट (एमईयू) की ओर से आयोजित इस कार्यशाला में मेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने को लेकर गहन विचार-विमर्श किया गया।
कॉलेज के काउंसिल हॉल में 29 जनवरी से आयोजित इस कार्यशाला में दून मेडिकल कॉलेज सहित अन्य मेडिकल कॉलेजों के विभिन्न विभागों से जुड़े कुल 30 चिकित्सक शिक्षकों ने प्रतिभाग किया। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) द्वारा नामित रिसोर्स फैकल्टी ने प्रतिभागियों को आधुनिक शिक्षण तकनीकों, प्रभावी टीचिंग-लर्निंग स्ट्रेटजी, पाठ्यक्रम नियोजन के नवीन तरीकों तथा छात्र मूल्यांकन की उन्नत पद्धतियों की विस्तृत जानकारी दी।
कार्यशाला के दौरान शिक्षकों को यह भी प्रशिक्षित किया गया कि किस प्रकार नवीन तकनीकों और छात्र-केंद्रित दृष्टिकोण के माध्यम से एमबीबीएस पाठ्यक्रम को अधिक रोचक, व्यावहारिक एवं परिणामोन्मुख बनाया जा सकता है।
इस अवसर पर कॉलेज की प्राचार्य डॉ. गीता जैन ने मेडिकल एजुकेशन में अकादमिक ग्रोथ, सतत प्रशिक्षण एवं प्रोफेशनल नेटवर्किंग के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्यशालाएं शिक्षकों की दक्षता बढ़ाने के साथ-साथ छात्रों को बेहतर चिकित्सा शिक्षा प्रदान करने में सहायक सिद्ध होती हैं।
कार्यक्रम में एनएमसी द्वारा नामित कोर्डिनेटर डॉ. संजय दास, एमईयू कोर्डिनेटर डॉ. शशि उप्रेती सहित प्रो. जॉली अग्रवाल, प्रो. अनिल जोशी, प्रो. अतुल कुमार सिंह, प्रो. गजाला रिज़वी, डॉ. ऋचा सिन्हा, डॉ. शिव कुमार यादव एवं डॉ. अंकिता जुयाल उपस्थित रहे।



