पीएमजीएसवाई-IV के तहत 10 हजार किमी से अधिक सड़क परियोजनाओं को मंजूरी
जम्मू-कश्मीर, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड सहित छह राज्यों को मिलेगा बड़ा लाभ, 3,270 बस्तियां जुड़ेंगी
नई दिल्ली/देहरादून 22 जनवरी । केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना–IV (पीएमजीएसवाई-IV) के तहत जम्मू-कश्मीर, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और सिक्किम के लिए 10,000 किलोमीटर से अधिक लंबाई की सड़क परियोजनाओं को मंजूरी प्रदान की है। यह मंजूरी ग्रामीण भारत में बुनियादी ढांचे को सशक्त करने और समावेशी विकास को गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
ग्रामीण विकास विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इन सड़क परियोजनाओं के माध्यम से पहले से अलग-थलग पड़ी लगभग 3,270 बस्तियों को कनेक्टिविटी और आवश्यक सेवाओं तक सीधी पहुंच प्राप्त होगी। दूरस्थ पहाड़ी क्षेत्रों से लेकर ग्रामीण समुदायों तक बनने वाली ये सड़कें केवल आवागमन ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, शिक्षा और आजीविका के नए अवसर भी उपलब्ध कराएंगी।
पीएमजीएसवाई-IV के तहत वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर मैदानी क्षेत्रों में 500 से अधिक, पूर्वोत्तर एवं पहाड़ी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में 250 से अधिक आबादी वाली बस्तियों को जोड़ा जाएगा। वहीं विशेष श्रेणी के क्षेत्रों—जैसे अनुसूचित जनजातीय क्षेत्र (अनुसूची-V), आकांक्षी जिले/ब्लॉक, मरुस्थलीय क्षेत्र—में 25,000 असंबद्ध बस्तियों तथा वाम उग्रवाद से प्रभावित जिलों में 100 से अधिक आबादी वाली बस्तियों को कनेक्टिविटी देने का लक्ष्य रखा गया है।
इस योजना के अंतर्गत देशभर में कुल 62,500 किलोमीटर लंबी हर मौसम में उपयोग योग्य सड़कों का निर्माण किया जाना है। इसके साथ-साथ आवश्यक पुलों का निर्माण भी किया जाएगा, जिससे वर्षभर निर्बाध संपर्क सुनिश्चित हो सके।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 11 सितंबर 2024 को वित्त वर्ष 2024-25 से 2028-29 की अवधि के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना–IV के कार्यान्वयन को मंजूरी दी थी। इस योजना का कुल परिव्यय 70,125 करोड़ रुपये है, जिसमें केंद्र सरकार का अंश 49,087.50 करोड़ रुपये तथा राज्य सरकारों का अंश 21,037.50 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है।
केंद्र सरकार का मानना है कि पीएमजीएसवाई-IV के तहत स्वीकृत ये सड़क परियोजनाएं ग्रामीण जीवन में व्यापक बदलाव लाएंगी और विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में अहम भूमिका निभाएंगी।
