देहरादून में बिल्डर फ्लोर पर MDDA का सख्त रुख, अवैध निर्माण करने वाले बिल्डर होंगे ब्लैकलिस्ट

देहरादून 26 नवम्बर । राजधानी में आवासीय नक्शा पास करवाकर बहुमंजिला बिल्डर फ्लोर खड़े करने और उन्हें भारी कीमतों पर बेचने के बढ़ते चलन पर अब मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) सख्ती बरतने जा रहा है। वर्षों से चल रही इस अनियमितता में बिल्डर आवासीय भवन के नाम पर व्यावसायिक पैटर्न पर निर्माण करते हैं, जो न केवल नियमों के खिलाफ है, बल्कि स्थानीय निवासियों के लिए गंभीर समस्याएँ भी खड़ी करता है।
संकरी सड़कों और छोटे प्लॉटों पर बनाए गए इन अवैध फ्लोरों के कारण क्षेत्र में ट्रैफिक जाम, जल निकासी की समस्याएँ और सुरक्षा संबंधी खतरे लगातार बढ़ रहे हैं। स्थानीय लोगों की शिकायतों के बाद अब प्राधिकरण ने ऐसे मामलों पर व्यापक कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है।
MDDA के उपाध्यक्ष बंसीधर तिवारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आवासीय नक्शे की आड़ में फ्लोर निर्माण कर बेचने का यह गोरखधंधा अब नहीं चलेगा। उन्होंने बताया कि प्राधिकरण ने ऐसे कई बिल्डरों की पहचान की है जो आवासीय अनुमोदन लेकर व्यावसायिक पैटर्न पर निर्माण कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि अब बार-बार प्रस्तुत किए जा रहे समान प्रकृति के नक्शों की विशेष जांच की जा रही है। यदि किसी नक्शे में उद्देश्य से भिन्न या नियमों के विपरीत निर्माण की आशंका दिखती है, तो उसे तत्काल निरस्त किया जाएगा।
तिवारी ने यह भी बताया कि पूर्व में अवैध निर्माण करने वाले बिल्डरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसमें ब्लैकलिस्ट करने जैसी कठोर कार्यवाही भी शामिल है, ताकि भविष्य में इस प्रकार के निर्माण को पूरी तरह रोक जा सके।
MDDA की इस पहल से उम्मीद है कि शहर में अवैध रूप से बढ़ रहे बिल्डर फ्लोर पर अंकुश लगेगा और शहरी विकास नियमों के अनुरूप होगा।

