मानव तस्करी के खिलाफ पंतनगर में जुटेंगे पुलिस, अर्द्धसैनिक बल और विशेषज्ञ
राज्य स्तरीय सम्मेलन में तस्करी रोकने की रणनीति, समन्वय और पीड़ितों के पुनर्वास पर होगा मंथन
देहरादून,08 अक्टूबर। मानव तस्करी की रोकथाम,पीड़ितों के सुरक्षित रेस्क्यू, संरक्षण एवं पुनर्वास तथा कानूनी अभियोजन को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से
उत्तराखण्ड पुलिस की ओर से 09 अक्टूबर को गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर में एक दिवसीय राज्य स्तरीय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। सम्मेलन का उद्घाटन अपर पुलिस महानिदेशक, अपराध एवं कानून व्यवस्था, उत्तराखण्ड श्री वी. मुरूगेशन करेंगे।
सम्मेलन में मानव तस्करी के अंतरराज्यीय और सीमावर्ती आयामों को ध्यान में रखते हुए पुलिस, अर्द्धसैनिक बलों, संबंधित विभागों, न्यायिक व्यवस्था, गैर सरकारी संगठनों और नागरिक समाज के प्रतिनिधि भाग लेंगे। सम्मेलन में करीब 200 अधिकारी एवं विशेषज्ञ प्रतिभाग करेंगे।
सम्मेलन से पूर्व पुलिस महानिरीक्षक, कुमाऊं परिक्षेत्र श्रीमती निवेदिता कुकरेती ने आयोजन स्थल का स्थलीय निरीक्षण कर सुरक्षा एवं अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
सम्मेलन में ऊधमसिंहनगर, नैनीताल, चम्पावत, पिथौरागढ़, बागेश्वर, अल्मोड़ा, देहरादून और हरिद्वार सहित आठ जनपदों के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक, सभी 13 जनपदों की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) के नोडल अधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक, प्रभारी निरीक्षक एवं पुलिसकर्मी शामिल होंगे।
भारत-नेपाल सीमा और सीमावर्ती क्षेत्रों में मानव तस्करी की रोकथाम के लिए भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) तथा सशस्त्र सीमा बल (SSB) के अधिकारी भी सम्मेलन में भाग लेंगे। इसके अलावा बाल कल्याण एवं संरक्षण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बाल कल्याण पुलिस अधिकारी (CWPO), बाल कल्याण समिति (CWC) के सदस्य, परिवीक्षा अधिकारी, श्रम निरीक्षक, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी तथा वरिष्ठ लोक अभियोजक भी मौजूद रहेंगे।
मानव तस्करी के पीड़ितों के बचाव और पुनर्वास के क्षेत्र में कार्य कर रहे गैर सरकारी संगठनों (NGOs) एवं समाजसेवियों की सहभागिता भी सम्मेलन में सुनिश्चित की गई है।
सम्मेलन के विभिन्न तकनीकी सत्रों में मानव तस्करी से संबंधित कानूनी प्रावधानों, आधुनिक अन्वेषण एवं विवेचना तकनीकों तथा पीड़ितों के बचाव और पुनर्वास में पुलिस, एनजीओ एवं नागरिक समाज की भूमिका पर विस्तार से चर्चा होगी।
सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य मानव तस्करी के नेटवर्क के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के लिए विभिन्न विभागों और एजेंसियों के बीच समन्वय मजबूत करना, पीड़ित-केंद्रित बचाव एवं पुनर्वास व्यवस्था को सुदृढ़ करना तथा सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी और सुरक्षा तंत्र को अधिक प्रभावी बनाना है। सम्मेलन में प्राप्त सुझावों के आधार पर मानव तस्करी की रोकथाम, पीड़ितों के संरक्षण एवं पुनर्वास के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाएगी।