रामलीला मंचन में राम,लक्ष्मण,भरत और शत्रुघ्न के बाल स्वरूप का मनोहारी अभिनय
चारों भाइयों की बाल क्रीड़ा ने मोहा दर्शकों का मन
जलालाबाद 08 अक्टूबर ।
नगर के रामनगर स्थित रामलीला भवन में चल रही आदर्श श्रीरामलीला के मंचन में भगवान श्रीराम सहित चारों भाइयों के बाल स्वरूप की क्रीड़ा का मनोहारी मंचन किया गया। राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के बाल रूप में कलाकारों ने अपनी मासूमियत, चंचलता और भावपूर्ण अभिनय से मंच पर अयोध्या के राजमहल के बाल्यकालीन वातावरण को जीवंत कर दिया।
मंचन के दौरान चारों भाइयों को एक साथ खेलते, आपस में स्नेह करते और बाल सुलभ क्रीड़ाएं करते दिखाया गया। कभी चारों भाई एक-दूसरे के साथ खेलते नजर आए तो कभी उनकी नटखट हरकतों ने दर्शकों को खूब गुदगुदाया। बाल स्वरूप में कलाकारों की चंचल अदाओं पर रामलीला मैदान तालियों से गूंज उठा।
भाइयों के प्रेम ने जीता दर्शकों का दिल
लीला में भगवान श्रीराम और उनके तीनों भाइयों के बीच दिखाई गई आत्मीयता विशेष आकर्षण का केंद्र रही। राम के प्रति लक्ष्मण का विशेष स्नेह और समर्पण, भरत की सहजता तथा शत्रुघ्न की बाल सुलभ चंचलता को कलाकारों ने सुंदर ढंग से प्रस्तुत किया। चारों भाइयों के बीच प्रेम, आपसी सम्मान और एकता का दृश्य देखकर दर्शक भावविभोर नजर आए।
मंचन में यह संदेश भी प्रभावी ढंग से सामने आया कि परिवार में आपसी प्रेम, संस्कार और भाईचारा ही परिवार की सबसे बड़ी शक्ति होता है। भगवान श्रीराम और उनके भाइयों का बाल जीवन आज भी समाज के लिए प्रेम, अनुशासन और संस्कारों की प्रेरणा देता है।
अयोध्या के राजमहल का दृश्य हुआ जीवंत
चारों भाइयों की बाल क्रीड़ा के प्रसंग के दौरान मंच सज्जा और कलाकारों की वेशभूषा ने अयोध्या के राजमहल के वातावरण को जीवंत कर दिया। दर्शकों को ऐसा अनुभव हुआ मानो वे स्वयं अयोध्या नगरी में भगवान श्रीराम के बाल स्वरूप की क्रीड़ाओं के साक्षी बन रहे हों।
व्यास पीठ से रामचरितमानस की चौपाइयों और संवादों के बीच आगे बढ़ी लीला ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। जैसे-जैसे मंचन आगे बढ़ा, रामलीला मैदान में मौजूद दर्शक धार्मिक भावनाओं से जुड़ते चले गए।
बड़ी संख्या में पहुंचे दर्शक
रामलीला का मंचन देखने के लिए जलालाबाद नगर के अलावा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। दर्शकों ने कलाकारों के शानदार अभिनय की सराहना करते हुए तालियों से उनका उत्साहवर्धन किया। रामलीला समिति के पदाधिकारी अध्यक्ष जनेश्वर सैनी, उपाध्यक्ष लोकेश उपाध्याय सुनहरा कोरी, प्रबंधक राजेश सैनी,सोनू कोरी,कोषाध्यक्ष राजकुमार रोहिला,देवेंद्र शर्मा,अवनीश आहूजा,बबली लाला जी,मंच निर्देशक देवराज जुनेजा,अंशुल कोरी, संजीव आहूजा,सुमित जुनेजा,बृजभूषण उपाध्याय, श्यामलाल कश्यप,अमन कोरी,आदित्य भटनागर, विशाल शर्मा,राघव नारंग और कार्यकर्ता व्यवस्था बनाने में जुटे रहे।