उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म की आराधना से हुआ दशलक्षण पर्व का मंगल समापन
संयम, आत्मशुद्धि और सदाचार का संदेश लेकर विदा हुआ दशलक्षण पर्व
जलालाबाद (शामली) 25 सितम्बर
। श्री 1008 पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर में आत्मशुद्धि, संयम और धर्माराधना के दस दिवसीय महापर्व दशलक्षण पर्व का श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ मंगल समापन हुआ। पर्व के दसवें एवं अंतिम दिन उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म की विशेष आराधना की गई। श्रद्धालुओं ने भगवान जिनेंद्र देव के समक्ष विधि-विधानपूर्वक पूजा-अर्चना कर अपने जीवन में संयम, सदाचार, पवित्रता और आत्मानुशासन को धारण करने का संकल्प लिया।
धार्मिक मान्यता के अनुसार उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म आत्मा को विषय-वासनाओं से विमुख कर स्वभाव की ओर ले जाने वाला पवित्र मार्ग है। यह मनुष्य को इंद्रियों पर विजय प्राप्त करने, मन-वचन-कर्म की पवित्रता बनाए रखने तथा सांसारिक आकर्षणों से ऊपर उठकर आत्मचिंतन एवं आत्मकल्याण की ओर अग्रसर होने की प्रेरणा देता है। श्रद्धालुओं ने भगवान जिनेंद्र के चरणों में नमन करते हुए संयममय एवं पवित्र जीवन जीने का संकल्प लिया।
दशलक्षण पर्व के दसों दिनों में मंदिर परिसर में धर्म की विभिन्न भावनाओं एवं उत्तम धर्मों की आराधना की गई। प्रतिदिन श्रद्धालुओं ने भगवान जिनेंद्र देव की पूजा-अर्चना, धार्मिक अनुष्ठान एवं स्वाध्याय में सहभागिता की। प्रत्येक संध्या भक्ताम्बर स्तोत्र के 48 श्लोकों का श्रद्धापूर्वक पाठ किया गया। दस दिनों तक मंदिर परिसर जिनेंद्र भक्ति, मंत्रोच्चार, पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों से गुंजायमान रहा।
अंतिम दिन श्रद्धालुओं ने दशलक्षण पर्व के माध्यम से आत्मा के वास्तविक स्वरूप को पहचानने, कषायों का क्षय करने तथा जीवन में क्षमा, मार्दव, आर्जव, शौच, सत्य, संयम, तप, त्याग, आकिंचन्य और ब्रह्मचर्य जैसे गुणों को आत्मसात करने की प्रेरणा ली। धर्माराधना के उपरांत श्रद्धालुओं ने परस्पर धर्मलाभ एवं आत्मकल्याण की मंगलकामनाएं कीं।
धार्मिक कार्यक्रम में सुनील कुमार, प्रदीप कुमार जैन, अंकुश जैन, शेफाली जैन, अंश जैन, वेदान्श जैन, संदीप जैन, शिल्पी जैन, तनुज जैन, पूजा जैन, पूर्वा जैन, सुहानी, उत्सव, पारस जैन, ऋषभ जैन, सुशील कुमार जैन, काजल जैन, रिष्का जैन, अर्पण जैन, निशा जैन, आस्था जैन, विवेक जैन (दरियागंज, दिल्ली), नवीन जैन, आरती, विपिन जैन, योगेश जैन, अरविंद जैन (सरसावा), पारस जैन (सरसावा), अतिशय जैन, मनोज जैन, संतोष जैन, अमित जैन (कैराना), हिमांशु, कुलदीप जैन, संदीप जैन (थाना भवन), सतीश जैन, राहुल जैन एवं सनत जैन सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
दशलक्षण पर्व के समापन पर मंदिर परिसर में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक भावनाओं का अद्भुत वातावरण रहा। श्रद्धालुओं ने पर्व के दौरान अर्जित धार्मिक संस्कारों को जीवन में उतारने और आत्मकल्याण के मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ने का संकल्प लिया।


