उच्च हिमालयी क्षेत्रों में 1 सितंबर से जनगणना का कार्य शुरू, 30 सितंबर तक चलेगा अभियान
पिथौरागढ़,2 सितंबर 2026 ।
1 सितंबर 2026 से जनपद पिथौरागढ़ की मुनस्यारी एवं धारचूला तहसीलों के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में जनगणना का कार्य शुरू हो गया है। बर्फ से ढके इन दुर्गम क्षेत्रों में घर-घर जाकर जनगणना प्रगणना का कार्य 1 सितंबर से 30 सितंबर 2026 तक चलेगा।
अपर जिलाधिकारी योगेंद्र सिंह ने बताया कि जनगणना प्रपत्र में निर्धारित मानकों के अनुसार उच्च हिमालयी क्षेत्रों में निवासरत लोगों की जनगणना के लिए प्रगणक दलों की तैनाती की गई है। दारमा एवं व्यांस घाटी के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में लगभग प्रत्येक 650 लोगों पर एक प्रगणक तैनात किया गया है।
उन्होंने बताया कि प्रगणक दल जोहार घाटी, दारमा घाटी तथा व्यांस घाटी के गांवों में घर-घर जाकर जनगणना का कार्य करेंगे। वर्तमान में इन गांवों के अनेक ग्रामीण अपने उच्च हिमालयी गांवों में ही निवास कर रहे हैं, जिसके चलते प्रगणक दलों द्वारा निर्धारित अवधि में प्रत्येक परिवार एवं व्यक्ति की जानकारी दर्ज की जाएगी।
जनगणना के दौरान प्रत्येक व्यक्ति से 40 से अधिक प्रश्न पूछे जाएंगे। इनमें परिवार से संबंधित विवरण, व्यवसाय, शैक्षिक योग्यता, महिलाओं की प्रजनन स्थिति, आवास एवं रहन-सहन की परिस्थितियों तथा जाति और अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति से संबंधित जानकारी शामिल है।
पिथौरागढ़ के प्रमुख जनगणना अधिकारी/जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने बताया कि जोहार, दारमा एवं व्यांस घाटियों के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में घर-घर जाकर जनगणना कराने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। तीनों उच्च हिमालयी घाटियों में कुल 35 गांव हैं, जहां जनगणना कार्य के लिए टीमों का गठन कर उनकी तैनाती कर दी गई है।
जिलाधिकारी ने कहा कि दुर्गम एवं बर्फीले क्षेत्रों में जनगणना का कार्य निर्धारित मानकों एवं प्रक्रिया के अनुसार समयबद्ध रूप से पूरा किया जाएगा।