उत्तराखण्डआपदा

कैची धाम बाबा नीम करौली महाराज मंदिर में भी पानी का सैलाब उमड़ा

नैनीताल 02 सितम्बर । (ललित जोशी) सरोवर नगरी व उसके आसपास एवं जनपद नैनीताल समेत पूरे उत्तराखंड में मूसलाधार बारिश के पड़ने से जहां जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया है। वही 15 किलोमीटर दूर भवाली अल्मोड़ा मार्ग के कैची धाम विश्व प्रसिद्ध बाबा नीम करौली महाराज का मंदिर है जहाँ आजकल मूसलाधार बारिश के चलते शिप्रा नदी उफान पर है। ऐसा लग रहा है अगर लगातार कुछ दिनों तक मूसलाधार बारिश होती रही तो यह नदी विकराल रूप धारण कर सकती है। सूत्रों की माने तो अभी तक कोई भी नुकसान किसी भी प्रकार का नही हुआ है सब महाराज नीम करौली बाबा के सहारे हैं। पर जिस तरह से नदी उफान पर है तो नुकसान से नकारा भी नही जा सकता है। जबकि तमाम क्षेत्रों में पहाड़ों से भयंकर पत्थरों के लुढ़कने के समाचार मिल रहे हैं। कई राज्य मार्ग व ग्रामीण मार्ग बंद हो गये हैं। आवाजाही करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वैसे जिला एवं पुलिस प्रशासन ने लोगों से अपील की है जब आवश्यक हो तो तभी यात्रा करने निकले साथ ही यह भी अपील की है नदी,गाड़ , गधेरे, आदि स्थानों पर न जाएं। उससे दूरी बनाये रखें।जिला प्रशासन ने मूसलाधार बारिश के चलते 2 सितंबर 2026 को जनपद नैनीताल के समस्त कक्षा 1 से लेकर 12वीं तक एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में एक दिवसीय यानी बुधवार को अवकाश घोषित कर दिया गया। आज भी बारिश का दौर जारी है। कुल मिलाकर जनपद नैनीताल के तमाम क्षेत्रों में जमकर नुकसान हुआ है। जिला प्रशासन आपदा कंट्रोल रूम से लिखित सूचना सुबह दी गई है । सबसे ज्यादा बारिश ऊँचाई वाले स्थान स्नोव्यू क्षेत्र में 217 एम एम व सबसे कम रामनगर क्षेत्र 14.6 एम एम रिकॉर्ड की गई है। वही कुल मिलाकर 47 मार्ग बारिश के चलते बन्द हो गये हैं। जिनमे 3 राज्य मार्ग, 2 प्रमुख मार्ग एवं 1 जिला मार्ग समेत 41 ग्रामीण मार्ग बंद बताये गये हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक इन सभी मार्गो को खोलने के लिए जेसीबी मशीन व कर्मचारियों को तैनात किया गया है।

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