उत्तराखण्डराज्य

उत्तराखंड सरकार का बड़ा फैसला:10 वर्षों का इंतजार खत्म, मौजा सेंट्रल होप टाउन की खतौनी ऑनलाइन जारी

मुख्यमंत्री ने लिया था प्रकरण का संज्ञान

देहरादून (सेलाकुई) 26 अगस्त,2026 । सेलाकुई क्षेत्र के मौजा सेंट्रल होप टाउन (Central Hope Town) के निवासियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। लगभग 8-10 वर्षों से बंदोबस्ती (Settlement) प्रक्रिया के कारण बंद पड़ी खतौनी आखिरकार ऑनलाइन भूलेख पोर्टल (Bhulekh Portal) पर उपलब्ध करा दी गई है। प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा दिए गए निर्देशों के महज 45 दिनों के भीतर शासन-प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कुल 1,188 खातों को ऑनलाइन जारी कर दिया है। सरकार के इस कदम से क्षेत्र की लगभग 25 से 30 हजार आबादी को सीधा लाभ मिलेगा।

गौरतलब है कि बीते 11 जुलाई 2026 को आयोजित ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम के दौरान क्षेत्रीय जनता ने मुख्यमंत्री धामी से खतौनी ऑनलाइन न होने की गंभीर समस्या साझा की थी। ऑनलाइन रिकॉर्ड न होने के कारण आम जनमानस को दाखिल-खारिज (Mutations), बैंक ऋण, विरासत दर्ज कराने, स्थायी निवास प्रमाण पत्र और जाति प्रमाण पत्र जैसे महत्वपूर्ण कार्य कराने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।

जनता की पीड़ा को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को दो माह के भीतर हर हाल में ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करने के सख्त निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री के स्पष्ट और त्वरित निर्देशों का ही परिणाम है कि निर्धारित समयावधि से पूर्व ही 25 अगस्त 2026 को भूलेख पोर्टल पर खतौनी सार्वजनिक कर दी गई।

मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद इस दीर्घकालिक समस्या का समाधान हो गया है। विगत 8–10 वर्षों से लंबित बंदोबस्ती प्रक्रिया पूर्ण होने के उपरांत संबंधित अभिलेखों को डिजिटल रूप से पोर्टल पर दर्ज कर दिया गया है। मौजा सेंट्रल होप टाउन के कुल 1,188 खातों को ऑनलाइन भूलेख प्रणाली से जोड़ दिया गया है। इससे सीधे तौर पर लगभग 25–30 हजार नागरिक लाभान्वित होंगे। सेलाकुई क्षेत्र की बड़ी आबादी को अब प्रमाण-पत्र, बैंक ऋण तथा भूमि संबंधी दस्तावेज प्राप्त करने के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

*श्रेत्रवासियों ने जताया मुख्यमंत्री का आभार*
स्थानीय नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और शासन-प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस निर्णय से वर्षों से रुकी हुई विकास योजनाएं और व्यक्तिगत राजस्व कार्य अब सुगमता से पूरे हो सकेंगे। अब आवेदक घर बैठे ही पोर्टल के माध्यम से अपनी ऑनलाइन खतौनी प्राप्त कर सकते हैं।

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