एआई सक्षम और उद्योगोन्मुख युवाओं के निर्माण पर दें जोर: राज्यपाल गुरमीत सिंह
देहरादून, 6 अगस्त। राज्यपाल एवं कुलाधिपति लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने उत्तराखंड के निजी विश्वविद्यालयों से युवाओं को 21वीं सदी की चुनौतियों के अनुरूप एआई सक्षम, उद्योगोन्मुख, कौशलयुक्त और राष्ट्र निर्माण के लिए तैयार करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय केवल डिग्री प्रदान करने तक सीमित न रहें, बल्कि विद्यार्थियों को रोजगार, उद्योग, समाज और देश की आवश्यकताओं के अनुरूप सक्षम बनाएं।
लोक भवन में आयोजित उत्तराखंड के स्ववित्तपोषित (निजी) विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की प्रथम चरण की बैठक में 13 विश्वविद्यालयों के कुलपतियों ने भाग लिया। राज्यपाल ने कहा कि विकसित भारत-2047, आत्मनिर्भर भारत और भारत को विश्व गुरु बनाने के संकल्प में विश्वविद्यालयों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
उन्होंने अनुसंधान, नवाचार, पेटेंट और बौद्धिक संपदा अधिकारों पर विशेष जोर देते हुए कहा कि शोध केवल प्रकाशन तक सीमित न रहे, बल्कि समाजोपयोगी तकनीकों और पेटेंट में भी परिवर्तित हो। साथ ही विश्वविद्यालयों को डेटा सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और उन्नत तकनीकों के क्षेत्र में दक्ष मानव संसाधन तैयार करने पर ध्यान देना चाहिए।
राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों से अपनी श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों, शोध और नवाचारों को एक-दूसरे के साथ साझा करने की अपील की। उन्होंने प्रत्येक विश्वविद्यालय से राष्ट्र, प्रदेश और समाज के हित से जुड़े कम-से-कम एक महत्वपूर्ण विषय पर दीर्घकालिक एवं गुणवत्तापूर्ण शोध करने का भी आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में शोध, नवाचार, प्रयोग और मिशन आधारित कार्य संस्कृति विकसित की जानी चाहिए, ताकि उनकी ऊर्जा सकारात्मक दिशा में लगे। एआई, क्वांटम तकनीक और अन्य अत्याधुनिक क्षेत्रों में हो रहे कार्यों की सराहना करते हुए राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखंड इन क्षेत्रों में उत्कृष्टता का केंद्र बनने की क्षमता रखता है।
बैठक में विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपतियों ने अनुसंधान को बढ़ावा देने, पेटेंट संस्कृति विकसित करने, उद्योग-अकादमिक सहयोग, राष्ट्रीय स्तर पर साझा शोध व्यवस्था तथा विश्वविद्यालयों के बीच बेहतर समन्वय से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव भी प्रस्तुत किए।
