पुष्पवर्षा, चरण प्रक्षालन और भोजन परोसकर शिवभक्त कांवड़ियों का मुख्यमंत्री धामी ने किया अभिनंदन
मुख्यमंत्री धामी ने स्वास्थ्य सेवा शिविर का किया शुभारंभ, पांच पुलिसकर्मी और पांच पर्यावरण मित्र सम्मानित
हरिद्वार, 4 अगस्त। धर्मनगरी हरिद्वार में मंगलवार को कांवड़ यात्रा के दौरान आस्था, सेवा और संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला। देवभूमि उत्तराखंड ने देश के विभिन्न राज्यों से गंगाजल लेने पहुंचे शिवभक्त कांवड़ियों का पुष्पवर्षा, चरण प्रक्षालन और आत्मीय सेवा के साथ अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में आयोजित विशेष कार्यक्रम में जहां कांवड़ियों के सम्मान के माध्यम से उत्तराखंड की अतिथि देवो भव: की परंपरा को सामने रखा गया, वहीं यात्रा की सुरक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छता व्यवस्थाओं में जुटे कर्मयोगियों को भी सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री के हरिद्वार पहुंचने पर हरकी पैड़ी से लेकर कांवड़ यात्रा मार्ग तक हेलीकॉप्टर से शिवभक्तों पर पुष्पवर्षा की गई। इसके बाद अलकनंदा होटल परिसर में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने पांच शिवभक्त कांवड़ियों का चरण प्रक्षालन कर उनका सम्मान किया। मुख्यमंत्री ने कांवड़ियों के बीच पहुंचकर उनसे आत्मीय संवाद किया और अपने हाथों से उन्हें भोजन भी परोसा।
स्वास्थ्य सेवा शिविर का शुभारंभ
मुख्यमंत्री धामी ने कांवड़ यात्रियों की स्वास्थ्य सहायता और सुविधाओं के लिए स्थापित मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सेवा शिविर का उद्घाटन किया। उन्होंने शिविर का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध चिकित्सकीय सुविधाओं, दवाइयों, उपचार व्यवस्था और श्रद्धालुओं को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रा के दौरान किसी भी श्रद्धालु को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जाए।
“कांवड़ यात्रा सनातन परंपरा और सामाजिक समरसता का विराट पर्व”
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार का संकल्प है कि देवभूमि आने वाले प्रत्येक शिवभक्त को सुरक्षित, सुगम और सम्मानजनक वातावरण मिले। कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की सनातन परंपरा, सामाजिक समरसता और आध्यात्मिक चेतना का विराट पर्व है। इस विशाल यात्रा के सफल संचालन के लिए सभी संबंधित विभागों के समन्वय से लगातार कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों से उन्हें कांवड़ यात्रा के दौरान शिवभक्तों के बीच पहुंचकर उनकी सेवा करने का अवसर मिल रहा है। भगवान शिव का नाम करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए आस्था, ऊर्जा और विश्वास का आधार है। कठिन परिस्थितियों में भी शिवभक्त सैकड़ों किलोमीटर की यात्रा पूरी कर “बम-बम भोले” के जयघोष के साथ अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हैं। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा अनुशासन, सेवा, समर्पण और सामाजिक एकता की भी प्रतीक है।
एक करोड़ से अधिक कांवड़िए ले जा चुके गंगाजल
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष अब तक एक करोड़ से अधिक शिवभक्त गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक स्थलों के संरक्षण एवं विकास का व्यापक कार्य किया जा रहा है। काशी विश्वनाथ धाम, महाकाल लोक, श्रीराम जन्मभूमि, केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण और बद्रीनाथ मास्टर प्लान जैसी परियोजनाओं ने भारतीय संस्कृति को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दी है।
उन्होंने वर्ष 2013 की केदारनाथ आपदा का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में केदारनाथ धाम का पुनर्निर्माण कर उसे भव्य और दिव्य स्वरूप प्रदान किया गया है। आस्था पथ, सरस्वती घाट, आदि शंकराचार्य की प्रतिमा, तीर्थ पुरोहित आवास सहित अनेक सुविधाओं का विकास किया गया है। उन्होंने कहा कि हरिद्वार में प्रस्तावित गंगा कॉरिडोर और शारदा कॉरिडोर जैसी योजनाएं धार्मिक पर्यटन और राज्य के विकास को नई दिशा देंगी।
सुरक्षा के लिए सीसीटीवी, ड्रोन और एंबुलेंस की व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। यात्रा मार्गों पर सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के माध्यम से निगरानी की जा रही है। इसके अलावा एंबुलेंस, स्वास्थ्य शिविर और आपातकालीन सहायता की व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की गई हैं। उन्होंने शिवभक्तों से यात्रा के दौरान अनुशासन, मर्यादा और धार्मिक परंपराओं का पालन करने की अपील की।
उन्होंने पुलिस, प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, पर्यावरण मित्रों, स्वच्छता कर्मियों, स्वयंसेवी संस्थाओं तथा सेवा कार्यों में जुटे सभी कर्मयोगियों की सराहना करते हुए कहा कि सभी के सामूहिक सहयोग से ही इतनी विशाल यात्रा का सफल संचालन संभव हो रहा है।
पांच पुलिसकर्मी और पांच पर्यावरण मित्र सम्मानित
कांवड़ यात्रा के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले पांच पुलिसकर्मियों और पांच पर्यावरण मित्रों को मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सम्मान केवल इन दस कर्मयोगियों का नहीं, बल्कि उन सभी लोगों के प्रति राज्य की कृतज्ञता का प्रतीक है, जो कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा, स्वच्छता, स्वास्थ्य और अन्य व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने के लिए दिन-रात जुटे हुए हैं।
कार्यक्रम में महामंडलेश्वर ललितानंद गिरी महाराज, कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, प्रदीप बत्रा एवं राम सिंह कैड़ा, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, विधायक रानीपुर आदेश चौहान, हरिद्वार मेयर किरण जैसल, रुड़की मेयर अनिता अग्रवाल, पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, भाजपा जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा, पूर्व विधायक संजय गुप्ता, राज्य मंत्री देशराज कर्णवाल सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, संत-महात्मा और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
इस अवसर पर गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप, मेलाधिकारी सोनिका, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, आईजी कुंभ मेला योगेंद्र सिंह रावत, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर, एसएसपी कुंभ मेला आयुष अग्रवाल, नगर आयुक्त नंदन कुमार, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र, पुलिस अधीक्षक यातायात निशा यादव, अपर जिलाधिकारी जितेंद्र कुमार, पुलिस अधीक्षक नगर अभय प्रताप सिंह, सचिव एचआरडीए प्रत्यूष सिंह, उपजिलाधिकारी हरिद्वार योगेश मेहरा, उप मेलाधिकारी मनजीत सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती ने किया।
