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देश विरोधी और अराजक तत्वों के खिलाफ सड़कों पर उतरने को आतुर राष्ट्रभक्त युवा: सिद्धार्थ भारद्वाज, ‘अराजकता फैलाने वालों के खिलाफ सरकार बनाए पांच लेयर सुरक्षा घेरा, युवा निभाएंगे अग्रिम भूमिका’

मुख्य समाचार: –
नई दिल्ली: देश में बढ़ती अराजकता और राष्ट्र विरोधी गतिविधियों को लेकर आम जनमानस में भारी आक्रोश है। धरातल पर जनता की इस तड़प और गुस्से को करीब से महसूस करते हुए जाने-माने विचारक व 31 साल से वरिष्ठ पत्रकार रहे सिद्धार्थ भारद्वाज ने अपनी गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि देश की निरंतर हो रही उन्नति से बौखलाए कुछ तत्व जानबूझकर अशांति फैलाने का प्रयास कर रहे हैं, जिन्हें अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
युवाओं का सवाल: क्या राष्ट्रभक्त विरोध में नहीं उतर सकते?
सिद्धार्थ भारद्वाज ने बताया कि देश का युवा आज बेहद उद्वेलित है। जमीन पर उनसे लगातार यह सवाल पूछा जा रहा है कि यदि अराजक तत्व देश को अस्थिर करने के लिए सड़कों पर उतर सकते हैं, तो राष्ट्रभक्त और जागरूक युवा इसके विरोध में सामने क्यों नहीं आ सकते? उन्होंने साफ किया कि अब युवाओं को राष्ट्र की संप्रभुता की रक्षा के लिए सजग होना ही होगा।
सिद्धार्थ भारद्वाज ने बताया कि देश का युवा आज बेहद उद्वेलित है। जमीन पर उनसे लगातार यह सवाल पूछा जा रहा है कि यदि अराजक तत्व देश को अस्थिर करने के लिए सड़कों पर उतर सकते हैं, तो राष्ट्रभक्त और जागरूक युवा इसके विरोध में सामने क्यों नहीं आ सकते? उन्होंने साफ किया कि अब युवाओं को राष्ट्र की संप्रभुता की रक्षा के लिए सजग होना ही होगा।
सुरक्षा के लिए ‘पांच लेयर घेरा’ और युवाओं की भागीदारी का सुझाव
देश की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए उन्होंने सरकार के समक्ष एक बड़ा और कड़ा सुझाव रखा है। भारद्वाज के अनुसार, सुरक्षा व्यवस्था को ‘पांच लेयर सुरक्षा घेरे’ में तब्दील किया जाना चाहिए। इस घेरे में सबसे आगे या सबसे पीछे राष्ट्रभक्त युवाओं की मजबूत कतार होनी चाहिए, जो सुरक्षा बलों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख सकें।
देश की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए उन्होंने सरकार के समक्ष एक बड़ा और कड़ा सुझाव रखा है। भारद्वाज के अनुसार, सुरक्षा व्यवस्था को ‘पांच लेयर सुरक्षा घेरे’ में तब्दील किया जाना चाहिए। इस घेरे में सबसे आगे या सबसे पीछे राष्ट्रभक्त युवाओं की मजबूत कतार होनी चाहिए, जो सुरक्षा बलों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख सकें।
पहचान उजागर करना और मुस्तैदी जरूरी
उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि भीड़ का हिस्सा बनकर अराजकता फैलाने वाले तत्वों को चिन्हित करना बेहद जरूरी है।
उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि भीड़ का हिस्सा बनकर अराजकता फैलाने वाले तत्वों को चिन्हित करना बेहद जरूरी है।
- सख्त जांच: प्रदर्शनों में शामिल लोगों की पूरी दृढ़ता और शालीनता के साथ जांच की जाए।
- पहचान की पुष्टि: यह बारीकी से परखा जाए कि सामने खड़ा व्यक्ति वास्तव में छात्र है या बाहरी अराजक तत्व।
- दस्तावेजी प्रमाण: देशद्रोही और संदिग्ध तत्वों के दस्तावेजों की जांच कर उनकी असली पहचान पूरी मुस्तैदी के साथ जनता के सामने लाई जानी चाहिए।
भारद्वाज ने अंत में कहा कि सुरक्षात्मक कदम उठाते हुए और अपनी रक्षा को सुरक्षित रखते हुए, ऐसे सभी देश विरोधी तत्वों को पूरी दृढ़ता से रास्ते से हटाना होगा ताकि देश की प्रगति की रफ्तार निर्बाध रूप से चलती रहे।
रिपोर्ट : सिद्धार्थ भारद्वाज प्रभारी दिल्ली एनसीआर।


