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33 वर्षों की समाज सेवा को मिला वैश्विक सम्मान, एडवोकेट डॉ. पंकज होलकर को अमेरिका की सीडर ब्रुक यूनिवर्सिटी ने दी मानद डॉक्टरेट

देहरादून, 20 जुलाई। एडिफाई वर्ल्ड स्कूल, देहरादून के निदेशक एडवोकेट डॉ. पंकज होलकर को शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्र में 33 वर्षों से अधिक के उल्लेखनीय योगदान के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका की सीडर ब्रुक यूनिवर्सिटी द्वारा डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (ऑनोरिस कॉसा) की मानद डॉक्टरेट उपाधि से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के सर्वांगीण विकास और साहसिक शिक्षा के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए प्रदान किया गया।
सोमवार को एडिफाई वर्ल्ड स्कूल में डॉ. होलकर का जन्मदिवस उत्साह और गरिमापूर्ण वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर मानद डॉक्टरेट मिलने से समारोह और भी ऐतिहासिक बन गया। विद्यालय परिवार, शिक्षाविदों, समाजसेवियों, अभिभावकों, सहयोगियों और उनके मित्रों ने उन्हें सम्मानित करते हुए जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं।
डॉ. होलकर ने ‘मानव’ नामक स्वैच्छिक युवा संगठन की स्थापना कर देशभर में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए अनेक राष्ट्रीय स्तर के एडवेंचर कैंप आयोजित किए हैं। इन शिविरों के माध्यम से हजारों बच्चों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और आत्मनिर्भरता का विकास हुआ है।
वर्ष 2015 में उन्होंने क्लेमेंट टाउन कैंटोनमेंट के सहयोग से ‘तरंग’ स्पेशल नीड स्कूल की शुरुआत की। इस पहल के तहत वर्तमान में 150 से अधिक विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को समावेशी एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जा रही है। यह परियोजना समावेशी शिक्षा का प्रेरणादायी मॉडल बन चुकी है।
डॉ. पंकज होलकर शिक्षा, खेल और समाज सेवा के क्षेत्र में भी सक्रिय रहे हैं। वर्ष 1992 में उन्होंने एनसीसी सीनियर डिवीजन का ‘सी’ सर्टिफिकेट प्राप्त किया और दिल्ली में सर्वश्रेष्ठ शार्प शूटर रहे। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर हॉकी का प्रतिनिधित्व भी किया तथा भारतीय हॉकी के दिग्गज खिलाड़ी परगट सिंह उनके कोच रहे हैं।
होलकर एजुकेशनल ट्रस्ट के तहत संचालित एडिफाई वर्ल्ड स्कूल आज सीबीएसई सीनियर सेकेंडरी विद्यालय के रूप में गुणवत्तापूर्ण, मूल्यपरक और नवाचार आधारित शिक्षा प्रदान कर रहा है। डॉ. होलकर का मानना है कि प्रत्येक बच्चे को अपनी प्रतिभा पहचानने और उसे विकसित करने का समान अवसर मिलना चाहिए।
विद्यालय के प्रधानाचार्य प्रदीप गौड़ ने कहा कि यह सम्मान केवल डॉ. होलकर की व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे एडिफाई परिवार, उत्तराखंड और देश के शिक्षा जगत के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि डॉ. होलकर का जीवन सेवा, समर्पण और मानवीय मूल्यों की मिसाल है तथा उनका कार्य आने वाली पीढ़ियों को समाज के प्रति उत्तरदायी बनने की प्रेरणा देता रहेगा।
कार्यक्रम का समापन केक कटिंग, सम्मान समारोह और शुभकामनाओं के साथ हुआ। उपस्थित सभी लोगों ने डॉ. होलकर के स्वस्थ, दीर्घायु एवं सफल जीवन की कामना करते हुए शिक्षा और समाज सेवा के उनके अभियान के निरंतर विस्तार की शुभकामनाएं दीं।

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