सोमनाथ स्वाभिमान पर्व यात्रा: उत्तराखंड के श्रद्धालुओं ने किए बाण गंगा, भालका तीर्थ और त्रिवेणी संगम के दर्शन, हरेला पर किया पौधरोपण
सोमनाथ (गुजरात) 16 जुलाई
। सोमनाथ स्वाभिमान पर्व यात्रा के अंतर्गत उत्तराखंड से पहुंचे तीर्थ यात्रियों ने आज धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के दर्शन कर आध्यात्मिक अनुभूति प्राप्त की। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने सर्वप्रथम बाण गंगा के दर्शन किए।
इसके बाद सभी तीर्थ यात्रियों ने भालका तीर्थ पहुंचकर दर्शन-पूजन एवं आरती में भाग लिया। मान्यता है कि इसी स्थान पर भगवान श्रीकृष्ण को शिकारी के बाण (भाल) का आघात लगा था, जिसके कारण इस स्थान का नाम भालका तीर्थ पड़ा।
शाम के समय श्रद्धालुओं ने सोमनाथ संग्रहालय का भ्रमण किया, जहां सोमनाथ मंदिर के प्राचीन खंडहरों और ऐतिहासिक धरोहरों को संरक्षित कर प्रदर्शित किया गया है। संग्रहालय में मंदिर के गौरवशाली इतिहास और विभिन्न कालखंडों की जानकारी प्राप्त कर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।
इसके उपरांत सभी श्रद्धालु त्रिवेणी संगम घाट की भव्य संध्या आरती में शामिल हुए। यह पावन स्थल हिरण, कपिला और सरस्वती नदियों के संगम के रूप में प्रसिद्ध है, जहां श्रद्धालुओं ने आरती और पूजा-अर्चना कर प्रदेश एवं देश की सुख-समृद्धि की कामना की।
हरेला पर्व के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए त्रिवेणी संगम घाट के समीप स्थित शारदा पीठ में उत्तराखंड के श्रद्धालुओं ने दो बोरसली (मौलसिरी/बकुल) के पौधों का रोपण किया। श्रद्धालुओं ने प्रकृति संरक्षण का संकल्प लेते हुए अधिक से अधिक वृक्ष लगाने का संदेश भी दिया।
यात्रा के दौरान यह भी उल्लेखनीय रहा कि हरेला पर्व की पूर्व संध्या पर सोमनाथ परिसर में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा भेंटस्वरूप दिया गया रुद्राक्ष का पौधा भी रोपा गया, जो उत्तराखंड की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक परंपरा का प्रतीक बन गया।
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व यात्रा के माध्यम से उत्तराखंड के श्रद्धालु धार्मिक आस्था के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक विरासत के संवर्धन का संदेश भी देशभर में प्रसारित कर रहे हैं।