शिलांग में असम रेजिमेंट के अग्निवीरों की पासिंग आउट परेड में शामिल हुए राज्यपाल गुरमीत सिंह

शिलांग/नैनीताल,
29 मई 2026। उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने शुक्रवार को शिलांग स्थित असम रेजिमेंटल सेंटर में आयोजित असम रेजिमेंट के 7वें बैच के अग्निवीरों की भव्य पासिंग आउट परेड में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने नवप्रशिक्षित अग्निवीरों को राष्ट्रसेवा, अनुशासन, समर्पण और सैन्य मूल्यों के प्रति प्रेरित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
राज्यपाल ने कहा कि यह दिन केवल एक औपचारिक सैन्य उपलब्धि नहीं, बल्कि राष्ट्रसेवा के एक नए अध्याय की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि असम रेजिमेंट के 7वें बैच के अग्निवीरों ने अपने कठोर प्रशिक्षण, अनुशासन और दृढ़ संकल्प से यह सिद्ध कर दिया है कि भारत की सीमाएं सुरक्षित हाथों में हैं।
अग्निवीरों को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि अब उनकी कोई क्षेत्रीय या व्यक्तिगत पहचान नहीं, बल्कि उनकी एकमात्र पहचान “भारतीय सैनिक” है, एक ही धर्म “राष्ट्रधर्म” और एक ही जाति “भारतीय” है।
राज्यपाल ने असम रेजिमेंट से अपने आत्मीय संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि वे स्वयं इस गौरवशाली रेजिमेंट के सैनिक रहे हैं और आज यहां उपस्थित होकर उन्हें अपनी मातृ-रेजिमेंट में ‘घर वापसी’ जैसा अनुभव हो रहा है। उन्होंने कहा कि असम रेजिमेंट ने उन्हें केवल सैनिक के रूप में प्रशिक्षित नहीं किया, बल्कि अनुशासन, परंपरा और राष्ट्रसेवा के संस्कारों से उनके व्यक्तित्व का निर्माण किया।
उन्होंने कहा कि असम रेजिमेंट का इतिहास वीरता, बलिदान और राष्ट्रनिष्ठा का प्रतीक रहा है। जब भी देश पर संकट आया, इस रेजिमेंट के जवानों ने अदम्य साहस और पराक्रम का परिचय देते हुए दुश्मनों के मंसूबों को नाकाम किया। राज्यपाल ने अग्निवीरों का आह्वान किया कि वे इस गौरवशाली विरासत को आगे बढ़ाते हुए राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखें।
राज्यपाल ने कहा कि आधुनिक समय में युद्ध का स्वरूप तेजी से बदल रहा है और भविष्य के युद्ध केवल पारंपरिक हथियारों से नहीं, बल्कि तकनीकी श्रेष्ठता और रणनीतिक क्षमता से जीते जाएंगे। उन्होंने अग्निवीरों से साइबर सुरक्षा, ड्रोन तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक सैन्य तकनीकों में दक्ष बनने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत की सेनाओं का तेजी से आधुनिकीकरण हुआ है तथा रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को नई मजबूती मिली है। स्वदेशी सैन्य प्रणालियां भारत की बढ़ती सामरिक शक्ति और आत्मविश्वास का प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि अग्निवीर भारत के आधुनिक, आत्मविश्वासी और तकनीक-सक्षम ‘न्यू एज वॉरियर्स’ हैं, जिन पर देश का भविष्य सुरक्षित है।
इस अवसर पर राज्यपाल ने अग्निवीरों के माता-पिता एवं अभिभावकों को भी नमन करते हुए कहा कि वे धन्य हैं जिन्होंने अपने पुत्रों को राष्ट्रसेवा के लिए समर्पित किया है। उन्होंने कहा कि ऐसे परिवार ही राष्ट्र की वास्तविक शक्ति हैं।



