नई टिहरी रामलीला के षष्टम दिवस में कैकई-भरत संवाद और खर-दूषण वध का सजीव मंचन

नई टिहरी 27 मई
। नई टिहरी में आयोजित पारंपरिक रामलीला मंचन के षष्टम दिवस पर भावनात्मक एवं वीर रस से ओत-प्रोत प्रसंगों का प्रभावशाली मंचन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत कैकई-भरत संवाद से हुई, जिसके बाद सूर्पणखा नासिका भेदन तथा खर-दूषण वध के दृश्य प्रस्तुत किए गए। कलाकारों के सशक्त अभिनय और संवाद अदायगी ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतापनगर विधायक विक्रम सिंह नेगी उपस्थित रहे। उन्होंने वर्ष 1952 से निरंतर आयोजित हो रही रामलीला की परंपरा को जीवंत बनाए रखने के लिए नवयुवक अभिनय श्री रामकृष्ण लीला समिति की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन समाज को अपनी संस्कृति, परंपराओं और संस्कारों से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता शांति प्रसाद भट्ट, विजय गुनसोला (पूर्व प्रमुख भिलंगना), आनंद बेलवाल (पूर्व अध्यक्ष बार एसोसिएशन), प्रदीप रमोला (पूर्व प्रमुख प्रतापनगर), डीआईईटी के प्रधानाचार्य दीपक रतूड़ी, बीर सिंह रावत, डॉ. मनवीर सिंह नेगी, दिनेश डोभाल (सदस्य बीकेटीसी), विजय पाल रावत, नवीन सेमवाल तथा रमेश भद्री खगोल शास्त्री सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
रामलीला समिति के अध्यक्ष देवेंद्र नौडियाल एवं समिति के अन्य पदाधिकारियों ने सभी अतिथियों का अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया। मंच संचालन समिति के संरक्षक सतीश थपलियाल ने किया।
इस अवसर पर समिति के संयोजक डॉ. राकेश भूषण गोदियाल, संरक्षक मोहन सिंह रावत (अध्यक्ष नगर पालिका), कमल सिंह महर, महावीर उनियाल, देशभूषण जोशी, महासचिव अमित पंत, मनोज शाह, त्रिलोक चंद्र रमोला, राजेंद्र असवाल, राकेश मोहन भट्ट, राकेश लांबा, भगवान चंद रमोला, मनोज राय, सुषमा उनियाल, रचना उनियाल, जशोदा नेगी, उर्मिला राणा, निर्देशक अनुराग पंत, गंगा भगत नेगी सहित समिति के अनेक सदस्य एवं बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालु उपस्थित रहे।



