एमआईटी-डब्ल्यूपीयू के छात्रों ने वैश्विक मंच पर लहराया परचम, एप्पल ‘स्वीफ्ट स्टूडेंट चैलेंज 2026’ में हासिल की बड़ी सफलता

देहरादून,21 मई 2026। MIT World Peace University (एमआईटी-डब्ल्यूपीयू) के छात्रों ने वैश्विक स्तर पर आयोजित प्रतिष्ठित Swift Student Challenge 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए विश्वविद्यालय का नाम रोशन किया है। विश्वविद्यालय के दो छात्रों ने दुनिया भर के शीर्ष 50 ‘डिस्टिंग्विश्ड विनर्स’ में स्थान प्राप्त किया है, जबकि 10 अन्य छात्रों ने वैश्विक स्तर पर शीर्ष 350 में जगह बनाकर बड़ी उपलब्धि हासिल की है।
इस उपलब्धि के तहत चयनित छात्रों को Worldwide Developers Conference 2026 में भाग लेने का विशेष अवसर मिलेगा, जिसका आयोजन Apple Park में किया जाएगा।
एप्पल का यह प्रतिष्ठित कार्यक्रम दुनिया भर के युवा डेवलपर्स, क्रिएटर्स और उद्यमियों को नवाचार और तकनीकी समाधान विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करता है। इस प्रतियोगिता में हजारों छात्र अपनी रचनात्मकता और तकनीकी दक्षता के आधार पर वास्तविक जीवन की समस्याओं के समाधान प्रस्तुत करते हैं।
छात्रों के अभिनव प्रोजेक्ट्स ने बटोरी सराहना
छात्रा गायत्री गौंडदकर द्वारा विकसित ‘स्टेडी हैंड्स’ प्रोजेक्ट उन लोगों की सहायता के लिए तैयार किया गया है जो हाथों में कंपन की समस्या से जूझते हैं। यह एप्लीकेशन रीयल-टाइम मोशन स्टेबिलाइजेशन और निर्देशित अभ्यासों के माध्यम से उपयोगकर्ताओं के मोटर कंट्रोल को बेहतर बनाने में मदद करता है, जिससे वे सहज रूप से चित्रकारी और अन्य कार्य कर सकें।
वहीं, छात्रा श्लोका शेट्टी द्वारा विकसित ‘एअरोलैब’ एक इंटरैक्टिव शैक्षणिक मंच है, जो फॉर्मूला-1 जैसी उच्च प्रदर्शन प्रणालियों में उपयोग होने वाली जटिल एअरोडायनामिक अवधारणाओं को सरल और रोचक तरीके से समझाने का कार्य करता है। यह मंच छात्रों और शिक्षकों दोनों के लिए उपयोगी माना जा रहा है।
चैलेंज के विजेताओं को एप्पल की ओर से आधिकारिक मान्यता पत्र, व्यक्तिगत एप्पल डेवलपर प्रोग्राम सदस्यता और ‘एयरपॉड्स मैक्स’ प्रदान किए जाएंगे।
विश्वविद्यालय ने इस उपलब्धि को अपने iOS Development Center की सफलता बताया है, जिसे एप्पल और Infosys के सहयोग से संचालित किया जा रहा है। यह केंद्र छात्रों में नवाचार, रचनात्मकता और उद्योगोन्मुख तकनीकी कौशल विकसित करने की दिशा में कार्य कर रहा है।
यह उपलब्धि न केवल एमआईटी-डब्ल्यूपीयू के लिए गर्व का विषय है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि भारतीय छात्र वैश्विक तकनीकी मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रभावशाली प्रदर्शन कर रहे हैं।



