उत्तराखण्डविशेष समाचार

महानगर गैस लिमिटेड में प्रवीर कुमार श्रीवास्तव ने प्रबंध निदेशक का पदभार संभाला

देहरादून- 04 मई 2026 । प्रवीर कुमार श्रीवास्तव ने महानगर गैस लिमिटेड (एमजीएल) के प्रबंध निदेशक  के रूप में 30 अप्रैल 2026 से पद ग्रहण किया है।

श्री श्रीवास्तव को गेल (इंडिया) लिमिटेड (‘गेल’) में तीन दशकों से अधिक का समृद्ध एवं विविध अनुभव प्राप्त है। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने संचालन, रणनीति और व्यवसाय विकास सहित कई महत्वपूर्ण नेतृत्व भूमिकाएँ निभाई हैं।
अपने उत्कृष्ट करियर में श्री श्रीवास्तव, गैस प्रोसेसिंग इकाइयों और पाइपलाइन नेटवर्क के संचालन एवं रखरखाव के साथ-साथ विभिन्न रणनीतिक परियोजनाओं के क्रियान्वयन में गहराई से जुड़े रहे हैं। कॉर्पोरेट स्तर पर उन्होंने योजना, रणनीति एवं एडवोकेसी, व्यवसाय विकास, गैस प्रबंधन केंद्र तथा सी एंड एमडी सचिवालय जैसे महत्वपूर्ण विभागों में उल्लेखनीय योगदान दिया है। उन्होंने गेल स्ट्रेटेजी 2030, संगठनात्मक परिवर्तन प्रबंधन, स्थिरता पहलों और कंपनी के नेट ज़ीरो एक्शन रोडमैप को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में भी उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है। उन्होंने विजापुर में भारत के सबसे बड़े प्रोटॉन एक्सचेंज मेम्ब्रेन (पीईएम) ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन संयंत्रों में से एक की स्थापना, देश की पहली हाइड्रोजन ब्लेंडिंग पायलट परियोजना के कमीशनिंग तथा गेल की पहली स्मॉल-स्केल एलएनजी परियोजना के शुभारंभ में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई—जो भारत के स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण में महत्वपूर्ण मील के पत्थर हैं।
एमजीएल में शामिल होने से पूर्व, श्री श्रीवास्तव गेल (इंडिया) लिमिटेड में पश्चिमी क्षेत्र के कार्यकारी निदेशक के रूप में कार्यरत थे। इस भूमिका में उन्होंने पश्चिमी क्षेत्रीय पाइपलाइन नेटवर्क के संचालन एवं विपणन कार्यों का नेतृत्व किया। यह महत्वपूर्ण नेटवर्क दहेज और दाभोल जैसे प्रमुख एलएनजी टर्मिनलों को डाउनस्ट्रीम पाइपलाइन प्रणालियों और प्रमुख औद्योगिक केंद्रों से जोड़ता है। उनके नेतृत्व में इस नेटवर्क का संचालन उच्च स्तर की सुरक्षा, दक्षता और विश्वसनीयता के साथ किया गया, जिससे विद्युत संयंत्रों, उर्वरक इकाइयों, रासायनिक उद्योगों, सिटी गैस वितरण कंपनियों तथा विभिन्न मध्यम एवं लघु उद्योगों को निर्बाध गैस आपूर्ति सुनिश्चित हुई। उन्होंने पेट्रोकेमिकल्स और लिक्विड हाइड्रोकार्बन (LHCs) के विपणन कार्यों की भी जिम्मेदारी संभाली।

श्री श्रीवास्तव की नेतृत्व दृष्टि संगठनात्मक क्षमताओं को सुदृढ़ करने, नवाचार को प्रोत्साहित करने तथा निरंतर सुधार को आगे बढ़ाने पर केंद्रित है, साथ ही वे व्यवसायिक विकास, सामाजिक उन्नति और पर्यावरणीय जिम्मेदारी के बीच संतुलन बनाए रखने पर बल देते हैं। वे CSR पहलों के माध्यम से सामुदायिक विकास और खेलों के प्रोत्साहन के प्रबल समर्थक हैं, जिसका उद्देश्य दीर्घकालिक हितधारक मूल्य सृजन करना है।

Related Articles

Back to top button