उत्तराखण्डशिक्षा

कुलपति पद पर प्रो. शिवेन्द्र कश्यप की नियुक्ति, पंतनगर विश्वविद्यालय को मिलेगा नया नेतृत्व

देहरादून, 27 अप्रैल 2026। उत्तराखण्ड के राज्यपाल एवं कुलाधिपति लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि.) ने प्रो. शिवेन्द्र कुमार कश्यप को गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, पंतनगर का नया कुलपति नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से तीन वर्ष अथवा 70 वर्ष की आयु पूर्ण होने तक (जो भी पहले हो) के लिए प्रभावी रहेगी।
प्रो. कश्यप वर्तमान में विश्वविद्यालय के कृषि महाविद्यालय में कार्यरत हैं और शिक्षा, अनुसंधान व प्रशासनिक क्षेत्र में उनका व्यापक अनुभव रहा है। वे एक प्रतिष्ठित शिक्षाविद के रूप में जाने जाते हैं और उन्हें आईसीएआर सर्वश्रेष्ठ शिक्षक पुरस्कार सहित कई राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हो चुके हैं।
अपने शैक्षणिक करियर में उन्होंने प्रोफेसर, कृषि संचार विभागाध्यक्ष, अधिष्ठाता सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है। इसके अलावा वे विश्व बैंक पोषित NAHEP परियोजना और DST-TEC परियोजना के प्रधान अन्वेषक (PI) भी रह चुके हैं।
प्रो. कश्यप का चयन भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा संचालित LEAP (Leadership in Education) कार्यक्रम के लिए भी हुआ, जिसके तहत उन्होंने हैदराबाद विश्वविद्यालय और ऑस्ट्रेलिया के मोनाश विश्वविद्यालय में प्रशिक्षण प्राप्त किया।
उनके नेतृत्व में पंतनगर विश्वविद्यालय ने आईसीएआर रैंकिंग में राज्य कृषि विश्वविद्यालयों में प्रथम स्थान हासिल किया और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी साख मजबूत की। साथ ही विश्वविद्यालय ने QS वैश्विक रैंकिंग में भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
NAHEP परियोजना के अंतर्गत उन्होंने बहुविषयक टीम का सफल नेतृत्व करते हुए अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण के अवसर प्रदान किए। उनके प्रयासों से विश्वविद्यालय में कई नवाचार स्थापित हुए, जिनमें पंतनगर संग्रहालय, कोविड काल में 65 स्मार्ट कक्षाएँ, वर्चुअल लैब और फैकल्टी डेवलपमेंट सेंटर प्रमुख हैं।
शिक्षा क्षेत्र में योगदान के तहत उन्होंने 1500 से अधिक सॉफ्ट स्किल सत्र विकसित किए, जिनसे देशभर के छात्रों और शिक्षकों को लाभ मिला। इसके अतिरिक्त उन्होंने 25 से अधिक पुस्तकें और 55 शोध पत्र लिखे हैं तथा 75 से अधिक अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों के साथ अकादमिक नेटवर्क स्थापित किया है।
प्रो. कश्यप की नियुक्ति को पंतनगर विश्वविद्यालय के शैक्षणिक एवं वैश्विक विस्तार के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

Related Articles

Back to top button