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आईआईटी रुड़की में IDE बूटकैंप 2026: 6,500 छात्रों को नवाचार और उद्यमिता की दिशा में मिला मंच

देहरादून,27 अप्रैल 2026 (पीआईबी)। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की (IIT Roorkee) ने IDE बूटकैंप 2026 (संस्करण-3, चरण-II) के माध्यम से देशभर के छात्रों को नवाचार, उत्पाद डिज़ाइन और उद्यमिता से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की है। यह कार्यक्रम अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) के तत्वावधान में आयोजित हो रहा है, जिसमें वाधवानी फाउंडेशन नॉलेज पार्टनर और एसबीआई फाउंडेशन आयोजन सहयोगी के रूप में जुड़े हैं।
📚 तीन चरणों में राष्ट्रीय स्तर का आयोजन
IDE बूटकैंप 2026 एक बहु-चरणीय राष्ट्रीय कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य देशभर के उच्च शिक्षण संस्थानों के लगभग 6,500 छात्रों को जोड़ना है।
पहला चरण: 6–10 अप्रैल 2026 (13 स्थानों पर सम्पन्न)
दूसरा चरण: 13 स्थानों पर जारी, जिसमें IIT रुड़की शामिल
तीसरा चरण: 11–15 मई 2026
💡 डिज़ाइन थिंकिंग से समाधान पर फोकस
इस वर्ष की थीम “डिज़ाइन विकास के लिए सबसे बड़ा परिवर्तनकारी माध्यम हो सकता है” रखी गई है। बूटकैंप के दौरान प्रतिभागियों को वास्तविक समस्याओं के समाधान हेतु डिज़ाइन थिंकिंग, नवाचार और स्टार्टअप आइडिया विकसित करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
🧠 विशेषज्ञ सत्र और मेंटरशिप
कार्यक्रम में कई महत्वपूर्ण घटक शामिल हैं—
इनोवेशन इकोसिस्टम की समझ
फंडिंग और सरकारी अनुदान पर सत्र
बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) की जानकारी
इंटरएक्टिव वर्कशॉप और एक्सपोज़र विज़िट
अंतिम दिन स्टार्टअप पिचिंग सत्र
🎤 विशेषज्ञों और नेतृत्व का मार्गदर्शन
कार्यक्रम के दौरान आज़म अली खान ने छात्रों को नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने और अपने विचारों को राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप समाधान में बदलने के लिए प्रेरित किया।
वहीं, आईआईटी रुड़की के निदेशक के. के. पंत ने कहा कि ऐसे आयोजन छात्रों को जॉब सीकर नहीं बल्कि जॉब क्रिएटर बनने के लिए प्रेरित करते हैं और भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करते हैं।
🚀 विशेषज्ञ सत्र और समापन
बूटकैंप में गोपाकुमार विश्वनाथन और मोहम्मद मुस्तकीम द्वारा विशेषज्ञ सत्र आयोजित किए गए। कार्यक्रम का समापन साई रामुडु मेका के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
🇮🇳 नवाचार की दिशा में राष्ट्रीय पहल
IDE बूटकैंप की शुरुआत वर्ष 2023 में धर्मेंद्र प्रधान द्वारा की गई थी, जिसे नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में परिकल्पित किया गया। यह पहल देश में नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभा रही है।
निष्कर्ष:
IIT रुड़की का यह प्रयास नई पीढ़ी के इनोवेटर्स को तैयार कर भारत को वैश्विक स्टार्टअप हब बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम साबित हो रहा है।

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