उत्तराखण्डराज्य

स्वच्छता कर्मचारियों के हितों पर मंथन, बीमा कवर बढ़ाने व समान वेतन सुनिश्चित करने के निर्देश

देहरादून,22 अप्रैल 2026। राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष भगवत प्रसाद मकवाना ने बुधवार को आपदा निवारण एवं प्रबंधन केंद्र (डीएमएमसी) सभागार, सचिवालय में स्वच्छता कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर बैठक आयोजित कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
उपाध्यक्ष श्री मकवाना ने स्वच्छता कर्मचारियों के जोखिमपूर्ण कार्य को ध्यान में रखते हुए उनके बीमा कवर को 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये किए जाने पर बल दिया। साथ ही उन्होंने उपनल एवं पीआरडी कर्मचारियों के समान स्वच्छता कर्मचारियों का वेतन सुनिश्चित करने की आवश्यकता भी जताई। उन्होंने कहा कि स्वच्छता कर्मचारी समाज के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, इसलिए उनके हितों की रक्षा और सुविधाओं का विस्तार प्राथमिकता होनी चाहिए।
बैठक में उन्होंने शासनादेश के अनुरूप निकायों में कार्यरत मोहल्ला स्वच्छता समिति के कर्मचारियों के नियमितीकरण तथा उन्हें श्रम विभाग के अंतर्गत कुशल एवं अर्ध-कुशल श्रेणी में शामिल करने के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। इसके अलावा मैन्युअल स्कैवेंजिंग से जुड़े कर्मचारियों का सर्वेक्षण पारदर्शिता और गंभीरता से कराने पर जोर दिया गया।
उपाध्यक्ष ने सीवर लाइन की सफाई में आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने के लिए जल संस्थान को रोबोटिक तकनीक के प्रदर्शन (डेमो) आयोजित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने नगर निगम देहरादून द्वारा 715 आउटसोर्स कर्मचारियों के संबंध में शासन को भेजे गए प्रस्ताव पर शीघ्र स्वीकृति के लिए अनुरोध करने तथा स्वच्छता कर्मचारियों के एक लाख रुपये तक के ऋण माफी के प्रस्ताव पर भी कार्यवाही करने को कहा।
उपनल कर्मचारियों के लिए “समान कार्य के लिए समान वेतन” के आदेशों के अनुपालन पर उन्होंने मेडिकल कॉलेज एवं दून अस्पताल के कर्मचारियों को शीघ्र लाभ देने के निर्देश दिए। इस पर संबंधित संस्थानों ने शासन से आवश्यक दिशा-निर्देश प्राप्त कर जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया।
बैठक में सदस्य अनुसूचित जाति जनजाति उपयोजना जयपाल वाल्मीकि, अपर सचिव श्याम सिंह, निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. अजय कुमार आर्या, महाप्रबंधक पेयजल प्रणय पुरोहित, दून मेडिकल कॉलेज के डॉ. एन.एस. बिष्ट, सहायक निदेशक शहरी विकास विभाग एस.पी. जोशी सहित विभागीय अधिकारी एवं सफाई कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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