दिव्यांग व्यक्ति के 43.2 लाख रुपये के कथित बकाये पर हरक सिंह रावत मौन क्यों?: हनी पाठक
संपत्ति विवाद पर हरक सिंह रावत की जवाबदेही तय हो, जांच में सामने आएं तथ्य : हनी पाठक
*दूसरों को नैतिकता सिखाने वाले हरक सिंह रावत पहले अपने करीबी विवादों पर जवाब दें: हनी पाठक*
देहरादून 31 अक्टूबर । भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्रीमती हनी पाठक ने पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत और उनसे करीबी संबंध रखने वाली जसवीर कौर आनंद उर्फ सोनिया आनंद रावत से जुड़े संपत्ति विवाद को लेकर कांग्रेस और उसके नेताओं की कथित नैतिकता पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि दूसरों को नैतिकता, जनसेवा और जवाबदेही का पाठ पढ़ाने वाले हरक सिंह रावत को पहले अपने करीबी लोगों से जुड़े गंभीर आरोपों पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
श्रीमती हनी पाठक ने कहा कि वर्ष 2021 में हुए संपत्ति सौदे को लेकर शिकायतकर्ता हरिओम सहगल ने करीब 43.2 लाख रुपये के कथित बकाये और भुगतान के लिए दिए गए चेक बाउंस होने के आरोप लगाए हैं। सबसे गंभीर पहलू यह है कि शिकायतकर्ता एक दिव्यांग व्यक्ति हैं, जिनके दोनों हाथ नहीं हैं। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि यदि संपत्ति का सौदा हुआ था, तो कथित बकाये का भुगतान अब तक क्यों नहीं हुआ? क्या राजनीतिक रसूख रखने वाले लोगों से नजदीकी आर्थिक जिम्मेदारियों से बचने का आधार बन सकती है?
उन्होंने कहा कि हरक सिंह रावत को स्पष्ट करना चाहिए कि इस मामले में उनका क्या पक्ष है और शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों पर संबंधित पक्ष का जवाब क्या है। यदि आरोप गलत हैं, तो तथ्यों के साथ उनका खंडन किया जाना चाहिए। लेकिन गंभीर सवालों पर चुप्पी साधकर जनता के बीच उठ रही शंकाओं को दूर नहीं किया जा सकता।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस के नेताओं को दूसरों पर सवाल उठाने से पहले अपने आचरण और अपने करीबियों से जुड़े विवादों पर भी जवाबदेही दिखानी चाहिए। सार्वजनिक जीवन में रहने वाले नेताओं की नैतिक जिम्मेदारी है कि वे ऐसे मामलों में पारदर्शिता बरतें। दिव्यांग व्यक्ति के अधिकारों का सवाल किसी राजनीतिक बहस से छोटा नहीं है और न ही राजनीतिक प्रभाव कानून से ऊपर हो सकता है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार कानून के शासन और निष्पक्ष जांच के सिद्धांत पर काम कर रही है। देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी सिटी को विस्तृत जांच सौंपना इसी प्रक्रिया का हिस्सा है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
श्रीमती हनी पाठक ने हरक सिंह रावत से सीधे सवाल पूछते हुए कहा कि क्या शिकायतकर्ता के कथित बकाये का भुगतान कर दिया गया है? भुगतान के लिए दिए गए चेक बाउंस होने की शिकायत पर संबंधित पक्ष का क्या जवाब है? और यदि आरोप निराधार हैं, तो उन्हें तथ्यों के साथ स्पष्ट क्यों नहीं किया जा रहा है?
उन्होंने कहा कि राजनीतिक रसूख जवाबदेही से बचने का कवच नहीं बन सकता। हरक सिंह रावत और संबंधित पक्ष को सामने आकर अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए, ताकि जांच तथ्यों के आधार पर आगे बढ़े और शिकायतकर्ता को न्याय मिल सके।