राहुल कांग्रेस में लगी है प्रत्येक मुद्दे पर झूठ और भ्रम फैलाने की रेस : भट्ट
कांग्रेस नेताओं की बौखलाहट है, प्रदेश में भाजपा की हैट्रिक का संकेत : भाजपा
*राज्य का विकास बाधित की मंशा वाली कांग्रेस के सीएम, उद्योगपतियों से चोरी छिपे मिलते हैं: भाजपा*
*ईडी के डर का झूठ फैलाने वाले बताएं, किसके खौफ से आए थे भाजपा में? :भाजपा*
*राजनीति में इस्तीफा देना ही स्वीकार्य माना जाता है,कांग्रेस में अपनी सच्चाई स्वीकारें हरदा : भट्ट*
देहरादून 18 सितंबर। भाजपा ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस पार्टी में राहुल गांधी के नेतृत्व में प्रत्येक मुद्दे पर झूठ और भ्रम फैलाने की रेस चल रही है। कोई भ्रष्टाचार में डूबा होकर दूसरों पर कीचड़ उछलता है, चोरी पकड़े जाने पर इस्तीफा का स्वांग रचता है, कोई राजनैतिक नुकसान के डर को ईडी का खौफ बताकर पार्टियां बदलता है। प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद श्री महेंद्र भट्ट ने कहा, ये सब संकेत हैं कि प्रदेश की राजनैतिक हवा, भाजपा की सुनामी ला रही है।
उन्होंने मीडिया द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब में बयान जारी कर कहा कि कांग्रेस पार्टी की देश की तरह प्रदेश में भी विश्वसनीयता पूरी तरह शून्य हो गई है। क्योंकि जब भी उनको सरकार में रहकर कार्य करने का अवसर मिला तो हमेशा उनके नेताओं ने प्रदेश को लूटने खसोटने का कार्य किया। यही वजह है कि जनता ने उन्हें विगत 10 वर्षों से पूरी तरह अपने आशीर्वाद से उन्हें बेदखल किया हुआ है। यही वजह है कि बौखलाई हुई कांग्रेस हताशा में मुद्दाविहीन होकर, लगातार झूठ एवं प्रपंच की राजनीति करने में जुटी है।
उन्होंने सिलसिलेवार ढंग से कांग्रेस नेताओं के आरोपों का ज़बाब देते हुए कहा, जो औद्योगिक विकास और प्रशासनिक कार्रवाई पर झूठे आरोप लगा रहे हैं, उन्होंने न केवल राज्य निर्माण का विरोध किया बल्कि राज्य को मिले विशेष औद्योगिक पैकेज को छीनने का काम किया। इसी कांग्रेस की तेलंगाना, कर्नाटक सरकार के मुख्यमंत्री चोरी छिपे अंबानी अडानी से मिलकर अपने राज्यों में निवेश करते हैं और बाकी राज्यों में हो रहे निवेशों पर झूठ फैलाकर विकास बाधित करने का षड़यंत्र करते हैं।
यही कांग्रेस है जिनकी सरकारें विभिन्न राज्यों में नकल माफियाओं से सांठगांठ के आरोप में जनता द्वारा सत्ता से बाहर की गई। इनकी ही सरकारों में नकल और पेपर लीक का कारोबार उत्तराखंड में फलने फूलने में कामयाब हुआ। लेकिन अब भाजपा की सरकार जब कठोरतम नकल कानून बनाकर, माफियाओं को सलाखों के पीछे भेज रही है तो कांग्रेस नेता रोजाना नई नई अफवाह फैलाकर युवाओं का भविष्य खराब करने पर तुली है। आज 37 हज़ार से अधिक सरकारी नियुक्तियां बिना खर्ची बिना पर्ची के हुई हैं, तो विपक्षी पार्टियां, की यही परेशानी है कि पीढ़ी दर पीढ़ी का ये मुद्दा हमेशा के लिए समाप्त हो गया।
उन्होंने कटाक्ष किया कि कांग्रेस ने देवभूमि के पावन धामों को लेकर झूठ फैलाकर, उनकी छवि खराब करने का पाप किया। लेकिन जनता के बीच असफल होने पर उन्होंने पुनः हल्द्वानी से अशुद्धिकरण का झूठ परोसने का प्रयास किया। इस झूठ में भी जनता ने कांग्रेस नेताओं को रंगे हाथ पकड़ा है और जातिवादी राजनीति का उनका ढोल बजने से पहले ही फूट गया।
उन्होंने कांग्रेस नेताओं की अंदरूनी राजनीतिक धींगामुश्ती पर व्यंग कसते हुए कहा कि उनके पूर्व सीएम के करीबियों की डकैती पकड़ी गई तो वे चर्चा में रहने के लिए इस्तीफे की पेशकश का स्वांग रचने लगे। हैरानी है कि जब वे कांग्रेस पार्टी में सिर्फ कार्यसमिति सदस्य है तो इस्तीफे की पेशकश या उसकी मंजूरी क्या होती है। उसमें सिर्फ इस्तीफा ही काफी होता है, जिसे किसी मंजूरी की जरूरत नहीं होती। लेकिन उनका मकसद है अपनी पार्टियों नेताओं पर दबाब बनाना ताकि कांग्रेसी परिवारवादी एटीएम से अपने बेटी बेटों के लिए अंतिम किस्त निकालना। सभी जानते हैं, कांग्रेस भी जानती है कि कानून अपना कार्य कर रह है और हरदा राजनैतिक पाखंड कर रहे हैं।
उनके ऐसे ही एक अन्य माननीय हैं कि जिन्हें बड़ी गलतफहमी हो गई है कि वो जहां से लड़ेंगे जीत जायेंगे। जबकि जनता उसी शेर को कई मर्तबा लोकसभा एवं अन्य चुनावों में ढेर कर चुकी है। वहीं पलटकर हरक सिंह रावत से प्रश्न पूछा कि आज वे भाजपा में जाने पर जिस ईडी के दबाव की बात करते है तो उन्हें स्पष्ट करना चाहिए कि 2016 में क्या वे ईडी के दबाव में आये थे भाजपा में। या फिर तत्कालीन सीएम हरीश रावत से स्वयं की राजनीति समाप्त होने का खौफ था। यदि ऐसा ही ईडी या अन्य कोई डर या खौफ होता तो वे भाजपा से बाहर कैसे जाते? दरअसल ये सब उनके राजनैतिक भ्रष्टाचार में किए पापों के संभावित परिणामों का डर है, जो बार बार उनके मुंह से सहानुभूति लेने के लिए निकलता रहता है।

