उत्तराखण्डकानून व्यवस्था

AI आधारित स्मार्ट पुलिसिंग की दिशा में उत्तराखंड पुलिस की नई पहल

IIT रुड़की के विशेषज्ञों के साथ कार्यशाला में साइबर सुरक्षा, इंटेलिजेंट सर्विलांस और डेटा आधारित पुलिसिंग पर मंथन

देहरादून, 2 सितंबर। उत्तराखंड पुलिस को तकनीक-सक्षम एवं भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार पुलिस बल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ की अध्यक्षता में सरदार पटेल भवन स्थित सभागार में “AI for Smart Policing: From Everyday Police Operations to Intelligent Surveillance and Cybersecurity” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई।
कार्यशाला का आयोजन पुलिस महानिरीक्षक प्रशिक्षण अनंत शंकर ताकवाले के संयोजन में किया गया। इसमें IIT रुड़की के विशेषज्ञों तथा उत्तराखंड पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने पुलिसिंग में Artificial Intelligence (AI) के प्रभावी एवं व्यावहारिक उपयोग की संभावनाओं पर विस्तृत मंथन किया।
कार्यशाला के विभिन्न सत्रों में IIT रुड़की के प्रो. सौमित्र सतपथी, प्रो. सुदीप रॉय, प्रो. राघवेंद्र सिंह रोहित तथा अपर पुलिस अधीक्षक, अभिसूचना एवं सुरक्षा अंकुश मिश्रा ने महत्वपूर्ण विषयों पर प्रस्तुतियां दीं। इनमें “AI in Everyday Policing”, “From Crime Prevention to Smarter Decision Making”, “AI for Smart Policing” तथा “Emerging Cyber Security Challenges for Police” जैसे विषय प्रमुख रहे।
इस दौरान पुलिस अधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों के बीच साइबर सुरक्षा, इंटेलिजेंट सर्विलांस, अपराध विश्लेषण, डेटा आधारित पुलिसिंग, रिकॉर्ड प्रबंधन तथा दैनिक पुलिस कार्यों में AI के संभावित उपयोग को लेकर गहन चर्चा हुई। पुलिस अधिकारियों ने अपने कार्यक्षेत्र से जुड़े अनुभवों और चुनौतियों को साझा करते हुए तकनीक के माध्यम से उनके समाधान की संभावनाओं पर भी विचार किया।
कार्यशाला में डेटा सुरक्षा, गोपनीयता, तकनीकी प्रणालियों की विश्वसनीयता और जिम्मेदार AI के उपयोग जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर भी विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने माना कि तकनीक का उपयोग पुलिसिंग को अधिक त्वरित, प्रभावी और सटीक बनाने में सहायक हो सकता है, लेकिन इसके साथ मानवीय विवेक और जिम्मेदारी का संतुलन बनाए रखना भी आवश्यक है।
पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने कहा कि तकनीक और Artificial Intelligence वर्तमान समय में पुलिसिंग को अधिक प्रभावी, त्वरित और डेटा आधारित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि AI मानव विवेक का विकल्प नहीं, बल्कि पुलिस अधिकारियों की निर्णय क्षमता को सशक्त बनाने वाला प्रभावी तकनीकी माध्यम है। डेटा सुरक्षा, गोपनीयता, विश्वसनीयता और जिम्मेदार AI के सिद्धांतों को ध्यान में रखते हुए उत्तराखंड पुलिस को तकनीक-सक्षम पुलिस बल के रूप में विकसित किया जाएगा।
कार्यशाला में अपर पुलिस महानिदेशक अपराध एवं कानून व्यवस्था वी. मुरूगेशन, अपर पुलिस महानिदेशक प्रशासन ए.पी. अंशुमान, पुलिस महानिरीक्षक/निदेशक यातायात कृष्ण कुमार वी.के., पुलिस महानिरीक्षक प्रशिक्षण अनंत शंकर ताकवाले, पुलिस महानिरीक्षक कार्मिक सुनील कुमार मीणा, पुलिस महानिरीक्षक मुख्यालय/पीएंडएम बरिन्दरजीत सिंह, पुलिस उपमहानिरीक्षक सतर्कता प्रह्लाद मीणा सहित पुलिस मुख्यालय एवं जनपद देहरादून की विभिन्न इकाइयों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी एवं अनुभाग प्रभारी उपस्थित रहे।

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