भारत विकास परिषद की प्रवास बैठक में सेवा, संस्कार और संगठन विस्तार पर मंथन
देहरादून की 10 शाखाओं के 75 से अधिक दायित्वधारियों ने लिया भाग, ‘भारत को जानो’ परीक्षा और महिला सहभागिता पर विशेष जोर
देहरादून 04 अगस्त ।
भारत विकास परिषद, उत्तराखंड पश्चिम प्रांत की देहरादून जनपद की 10 शाखाओं की संयुक्त प्रवास बैठक आंगन रेस्टोरेंट, एश्ले हॉल, देहरादून में आयोजित की गई। बैठक में संगठन के कार्यों की समीक्षा के साथ विभिन्न शाखाओं के बीच बेहतर समन्वय, सेवा कार्यों के विस्तार, संस्कार एवं सामाजिक सरोकारों को मजबूत करने तथा कार्यकर्ताओं को नई ऊर्जा के साथ सक्रिय करने पर व्यापक चर्चा हुई। बैठक में देहरादून जनपद की विभिन्न शाखाओं के 75 से अधिक दायित्वधारियों ने प्रतिभाग किया।
क्षेत्रीय संयुक्त महासचिव डॉ. सत्येंद्र मित्तल ने प्रवास बैठकों के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य विभिन्न शाखाओं एवं उनके सदस्यों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना, संगठनात्मक कार्यों की समीक्षा करना तथा कार्यकर्ताओं को प्रेरित और उत्साहित करना है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
‘भारत को जानो’ परीक्षा से विद्यार्थियों को अपनी संस्कृति से जोड़ने का प्रयास
राष्ट्रीय गतिविधि सदस्य संस्कार पवन गौतम ने आगामी ‘भारत को जानो’ अखिल भारतीय लिखित परीक्षा के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह परीक्षा पूरे देश में 31 अगस्त 2026 को आयोजित की जाएगी। उन्होंने कहा कि ‘भारत को जानो’ केवल एक परीक्षा नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, तीर्थ स्थलों, महापुरुषों और देश के गौरवशाली इतिहास से परिचित कराने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने सभी शाखाओं से अधिक से अधिक विद्यालयों के विद्यार्थियों को इस गतिविधि से जोड़ने का आह्वान किया।
क्षेत्रीय गतिविधि संयोजक प्रमोद गर्ग ने समूहगान प्रतियोगिता तथा गुरु वंदन एवं छात्र अभिनंदन कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए कहा कि प्रत्येक शाखा को कम से कम 10-10 विद्यालयों में इन कार्यक्रमों का आयोजन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों में संस्कार, अनुशासन, राष्ट्रप्रेम और गुरुजनों के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत किया जा सकता है।
महिला सहभागिता को सामाजिक बदलाव का माध्यम बनाने पर जोर
राष्ट्रीय गतिविधि सदस्य महिला सहभागिता श्रीमती इंदु वार्ष्णेय ने महिला सहभागिता के उद्देश्य और समाज में महिलाओं की सक्रिय भूमिका पर विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि परिषद की महिला सदस्यों को समाज की गरीब, शोषित और शिक्षा से वंचित महिलाओं के साथ निरंतर संपर्क एवं आत्मीय संवाद बनाए रखना चाहिए, ताकि जरूरतमंद महिलाओं को मुख्यधारा से जोड़ने के साथ उन्हें सशक्त बनाया जा सके।
क्षेत्रीय संयोजक डॉ. लता शर्मा ने महिला सहभागिता के अंतर्गत एनीमिया जांच शिविर, सर्वाइकल कैंसर जागरूकता कार्यक्रम और बाल संस्कार जैसे कार्यक्रमों को अधिक से अधिक आयोजित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि परिषद की सभी गतिविधियों में शाखाओं के बीच आपसी सहयोग और सहभागिता को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।
सेवा कार्यों के विस्तार और आत्मनिर्भरता पर विशेष जोर
क्षेत्रीय संयोजक सेवा डॉ. संगीता सिंह ने कहा कि परिषद की शाखाओं को अधिक से अधिक आत्मनिर्भर केंद्र स्थापित करने की दिशा में कार्य करना चाहिए। गरीब परिवारों को आर्थिक एवं शैक्षिक सहायता उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जाना चाहिए। उन्होंने स्वास्थ्य क्षेत्र में निःशुल्क चिकित्सा शिविर सहित अन्य जनसेवा कार्यक्रमों को बढ़ाने की आवश्यकता बताई।
क्षेत्रीय गतिविधि संपर्क संयोजक श्रीमती निशा अग्रवाल ने सदस्यता विस्तार पर प्रकाश डालते हुए अधिक से अधिक लोगों को परिषद की गतिविधियों से जोड़ने का आह्वान किया।
देवसंस्कृति शाखा विकासनगर का हुआ पुनर्गठन
बैठक के दौरान देवसंस्कृति शाखा विकासनगर का पुनर्गठन भी किया गया। शाखा के अध्यक्ष मनोज अग्रवाल, सचिव अनु गुप्ता एवं कोषाध्यक्ष यश कश्यप का परिषद के राष्ट्रीय दायित्वधारियों पवन गौतम, डॉ. सत्येंद्र मित्तल एवं श्रीमती इंदु वार्ष्णेय ने परिषद की पिन लगाकर एवं पटका पहनाकर स्वागत किया।
उपाध्यक्ष ललित पांडे ने बताया कि संयुक्त प्रवास बैठक में देहरादून जनपद की सभी 10 शाखाओं के 75 से अधिक दायित्वधारियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। संगठन सचिव निखिल वर्मा ने शाखाओं की संगठनात्मक गतिविधियों एवं पुनर्गठन से संबंधित जानकारी साझा की।
सफल और सार्थक रही प्रवास बैठक
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रांतीय अध्यक्ष श्रीमती मनीषा सिंघल ने कहा कि प्रवास बैठक अत्यंत सफल, सार्थक एवं अपने उद्देश्यों को प्राप्त करने वाली रही। उन्होंने कहा कि संगठन की विभिन्न गतिविधियों को गति देने के साथ सेवा, संस्कार, संपर्क और संगठन विस्तार के कार्यों को नई दिशा मिलेगी।
कार्यक्रम का सफल, सहज एवं सुव्यवस्थित संचालन प्रांतीय महासचिव संजय गर्ग ने किया।
इस अवसर पर कोषाध्यक्ष तरुण अग्रवाल, संरक्षक डॉ. अर्जुन भारद्वाज, एडवोकेट प्रीति अग्रवाल, श्रीमती शोभा सिंह, डॉ. राजीव गोयल, कृष्ण कुमार अरोड़ा, एडवोकेट कुशल पाल सिंह, मोहित मित्तल, यश गर्ग, मनमोहन शर्मा, यामा शर्मा, कंचन गुनसोला, गोपाल गर्ग, डॉ. शैलेंद्र कौशिक, योगेश अग्रवाल, डॉ. एस.के. अग्रवाल, पीयूष निगम, अनिल गुप्ता, गरिमा वैश्य, विजयलक्ष्मी अग्रवाल, मधु राय, डॉ. वीरेंद्र पाल गुप्ता, अनीता कपूर, संजय अग्रवाल, श्रीमती दीपा बिष्ट सहित बड़ी संख्या में परिषद के दायित्वधारी उपस्थित रहे।