उत्तराखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में पेपर लीक के विरोध में NSUI का प्रदर्शन, दोषियों पर कार्रवाई की मांग
देहरादून 23 जुलाई
। वीर माधो सिंह भंडारी उत्तराखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की सेमेस्टर परीक्षा के दो प्रश्नपत्र लीक होने के बाद दो विषयों की परीक्षाएं रद्द किए जाने के विरोध में गुरुवार को एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय परिसर में प्रदर्शन किया और प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।
एनएसयूआई ने आरोप लगाया कि लगातार हो रही पेपर लीक की घटनाएं छात्रों की मेहनत, समय और भविष्य के साथ अन्याय हैं। संगठन ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने तथा छात्रों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
डीएवी (पीजी) कॉलेज, देहरादून के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल ने कहा कि उत्तराखंड की उच्च शिक्षा व्यवस्था गंभीर संकट से गुजर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय में पहले भी सॉफ्टवेयर घोटाले को लेकर आंदोलन किए गए थे, लेकिन संबंधित सॉफ्टवेयर अब भी संचालित किया जा रहा है। उन्होंने परीक्षा नियंत्रक डॉ. वी.के. पटेल पर पहले उठाए गए भ्रष्टाचार संबंधी आरोपों का भी उल्लेख करते हुए कहा कि इतने विरोध के बावजूद उन्हें दोबारा जिम्मेदारी देना गंभीर लापरवाही है।
एनएसयूआई ने उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत पर भी निशाना साधते हुए कहा कि यदि उनके विभाग में इस प्रकार की घटनाएं लगातार हो रही हैं तो इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। संगठन ने विश्वविद्यालय के परीक्षा परिणामों में देरी और छात्रों की समस्याओं का भी मुद्दा उठाया तथा विश्वविद्यालय से विशेष शिविर लगाकर विद्यार्थियों की शिकायतें सुनने और उनका समाधान करने की मांग की।
प्रदर्शन में कांग्रेस नेता सुमित खन्ना, पूर्व डीएवी अध्यक्ष संग्राम सिंह पुंडीर, युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष तेजस्वी राणा, जिलाध्यक्ष हिमांशु रावत, डीबीएस कॉलेज अध्यक्ष हर्ष राणा, कैंट विधानसभा अध्यक्ष कार्तिक बिरला, प्रदेश महासचिव रवींद्र जूनियर सहित आदित्य रौठान, अभिनय बिष्ट, सौरभ सेमवाल, मयंक रावत, कबीर मलिक, नितिन नेगी, अभिनव कफलिया एवं बड़ी संख्या में एनएसयूआई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।



